नागरिकों को आवारा कुत्तों से मिलेगा छुटकारा, जानिए कैसे मिलेगा जिलावासियों को आवारा कुत्तों से निजात

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इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 25 जुलाई,  शहर से आवारा कुत्तों के आतंक से नागरिकों को छुटकारा मिलेगा, भविष्य में इनकी संख्या ना बढ़े, इसके लिए शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित हाऊस की मीटिंग में आऊट ऑफ एजेंडा से, महापौर रेणु बाला गुप्ता, आयुक्त निशांत कुमार यादव व सभी वार्ड पार्षदों की सहमति से 15 हजार कुत्तों को बंधीकरण करने का प्रस्ताव पास हो गया। निगमायुक्त ने बताया कि कुत्तों को स्टेरेलाईज़्ड करने का टेण्डर नगर निगम की ओर से लगा दिया गया है।

मीटिंग में आऊट ऑफ एजेंडा से ही निगम के अधीन आने वाले सभी सामुदायिक केन्द्रों को मेन्टेन रखने के लिए ऑक्शन पर देने की सहमति बनी। कम्बोपुरा स्थित कम्यूनिटी सेंटर की बुकिंग के लिए वहां के लोगों को टोटल शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने की बात कही गई। आयुक्त ने हाऊस में सभी पार्षदों को डेयरी शिफ्टिंग में हो रही कार्रवाई की जानकारी देते बताया कि शहर में कोई भी पशु डेयरी नहीं रहेगी, इस पर सभी पार्षदों ने नगर निगम का अच्छा कदम बताया और इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में सहयोग देने की बात कही।

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शहर में सफाई के लिए बनाए गए जोन में सफाई कर्ताओं को पे-रोल पर लेने के लिए एक 5 सदस्यी कमेटी बनाने पर विचार किया गया, जिसमें महापौर और 4 पार्षद शामिल रहेंगे। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आयुक्त ने बताया कि जो सफाईकर्ता विगत 16 महीने के पे-वाउचर में रेगूलर होगा, उसे पे-रोल में लिया जाएगा, सुपरवाईज़र भी सफाई कर्मचारी होंगे। इन शर्तों के बावजूद यदि कोई सफाईकर्ता रह जाता है, तो उसे द्वितीय चरण में लेने पर विचार किया जाएगा।

आयुक्त ने बताया कि शहर के सैक्टर-12 स्थित नगर निगम के नए भवन में इंटीरियर कार्य का टैण्डर लगाया गया था, जो आगामी एक-दो दिन में खोला जाएगा। इसके पश्चात अगस्त के पहले सप्ताह में वर्क ऑडर होगा और आगामी मार्च तक नए भवन में निगम कार्यालय को शिफ्ट कर लेने की प्रबल उम्मीद रहेगी। उन्होंने बताया कि स्टेट ऑफ दी आर्ट इस भवन की बाहरी दीवार पर टाईलें लगाने का काम शुरू हो गया है।

हाऊस की मीटिंग में कुल 9 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। प्रस्ताव नम्बर 1 पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टिï को लेकर था। प्रस्ताव नम्बर 2 में नगर निगम सीमा के अंदर, सैक्टर-36 के अधीन एक व्यक्ति सतबीर सिंह पुनिया की जमीन को दीनदयाल जन आवास योजना अफोर्डेबल प्लाटिड हाऊसिंग पॉलिसी 2016 के तहत विकसित करने की स्वीकृति यू.एल.बी. हरियाणा से प्राप्त करने के लिए आवेदन किया गया था। स्वीकृति से पहले यूएलबी की ओर से नगर निगम करनाल से प्रस्ताव मांगा गया है, जिस पर आज सभी पार्षदगणो द्वारा अपनी सहमति दे दी गई, अब यह प्रस्ताव सरकार को भेज दिया जाएगा। प्रस्ताव नम्बर 3 में सैक्टर-36 स्थित अंसल हाऊसिंग टाऊन को नगर निगम के अधीन लेने तथा इसमें विभिन्न विकास कार्य करवाने बारे था।

इसे लेकर वार्ड नम्बर 5 के पार्षद जय भगवान कश्यप तथा अंसल हाऊसिंग जन सेवा केयर एंड वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान रणबीर रमन की ओर से संयुक्त प्रार्थना पत्र दिया गया है, इस पर आयुक्त नगर निगम ने कहा कि इस पर विचार करने के लिए पहले एक कमेटी बनाएंगे और फिर निर्णय लिया जाएगा, अत: इसे पेंडिंग रख दिया गया। प्रस्ताव नम्बर 4 को भी सदन में सभी पार्षदों की सहमति से पास कर दिया गया। इस प्रस्ताव में वार्ड नम्बर 3 में स्थित पुराने पशु चिकित्सालय के स्थान पर एक नई आंगनवाड़ी खोली जाएगी। प्रस्ताव नम्बर 5, शहर में सांझी साईकिलों के लिए बनाए गए डॉकिंग स्टेशनो को लेकर था।

पार्षद ने बताया कि यह स्कीम ठीक से नहीं चल रही है, अत: निगम डॉकिंग स्टेशनो को खाली करवाकर अपने अधीन ले ले। इस पर महापौर ने बताया कि पायनियर पब्लिसिटी कॉर्पोरेशन प्राईवेट लिमिटेड नई दिल्ली को डॉकिंग स्टेशनो पर सांझी साईकिलों की व्यवस्था उपलब्ध करवाने के लिए 5 वर्ष की अलॉटमेंट दी गई थी, इसके समाप्त होने के मात्र 6-7 महीने ही बचे हैं, इसके बाद इसे समाप्त ही कर देंगे।

प्रस्ताव नम्बर 6 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सरल केन्द्र द्वारा जारी ना करके नगर निगम करनाल द्वारा जारी करवाने बारे था। इस पर चर्चा के दौरान उपायुक्त ने बताया कि सरकार की पॉलिसी के अनुसार सरल केन्द्रो में सिंगल विंडो के तहत सेंट्रलाईज़ड सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। फिर भी नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए एक छोटा सरल केन्द्र बनाया जाए, इसके लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध किया जाएगा। प्रस्ताव नम्बर 7, नगर निगम करनाल की सीमा में विज्ञापन प्रकाशित करने की निविदा को लेकर था। इस पर चर्चा के दौरान आयुक्त ने नगर निगम के ईओ की ड्ïयूटी लगाई कि जब तक सरकार की नई पॉलिसी नहीं आती, करंट पॉलिसी के आधार पर ही नगर निगम सीमा में विज्ञापनो के स्थान व रेट की निविदाएं आमंत्रित कर ली जाएं।

प्रस्ताव नम्बर 8, जुण्डला गेट में स्थित जी.वी.डी. की भूमि को सघन पशुधन विकास परियोजना विभाग के नाम पट्ïटे पर करने बारे था। विभाग इस भूमि को 33 वर्ष के लिए पट्टे पर प्राप्त करने की मांग कर रहा है। करीब 200 वर्गगज खाली पड़ी भूमि को उपरोक्त विभाग को पट्टे पर देने से पहले आज हाऊस की मीटिंग में इस प्रस्ताव को पेंडिंग रखा गया। आयुक्त का कहना था कि इस मामले को पहले सभी पहलुओं पर गौर कर चैक करवाया जाएगा।

प्रस्ताव नम्बर 9 प्राईवेट कॉलोनाईज़रों द्वारा करनाल में विकसित की गई टाऊनशिप/कॉलोनियो के विकास शुल्क नगर निगम करनाल में जमा करवाने तथा इनके नक्शे नगर निगम करनाल द्वारा पास किए जाने को लेकर था। इस प्रस्ताव पर डीटीपी ने नियमो का हवाला देकर कहा कि अब नए रूल आ गए हैं, जिनसे इस प्रस्ताव का कोई औचित्य ही नही बनता, अत: इसे ड्रॉप कर दिया जाए और प्रस्ताव ड्रॉप कर दिया गया।

हाऊस की मीटिंग करीब 5 घण्टे चली। एजेंडा में शामिल प्रस्तावों पर चर्चा से पहले पार्षदों ने कहा कि बारी-बारी से उनके वार्डों की समस्याएं सुन ली जाएं, इस पर आयुक्त सहमत हो गए और फिर एक-एक वार्ड पार्षद ने अपनी-अपनी समस्याएं/मांगे बताई, जिनमें मुख्यत: सड़कों की मरम्मत, नए नलकूपो की स्थापना व उनके बिजली कनैक्शन, वार्ड-3, 13 व 15 में सीवर की पुरानी लाईनो की जगह पुरानी लाईने लगाना, नालो की सफाई, स्ट्रीट लाईटें, साफ-सफाई जैसी जरूरतों के समाधान को लेकर थी।

वार्ड 3 के पार्षद ने सदन में बताया कि उनके एरिया में गंदे पानी की उपयुक्त निकासी नही हो रही है। इस पर आयुक्त ने बताया कि इस एरिया में टाटा कम्पनी की ओर से एसटीपी और सीवर लाईनो का काम किया जा रहा है, लेकिन उसकी गति अति धीमी है। उन्होंने नगर निगम के मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि कम्पनी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें, इसके बाद भी यदि सुधार नहीं होता, तो उसका वर्क ऑडर टर्मिनेट कर किसी ओर एजेंसी को दे दिया जाए।

पार्षदों की ओर से प्रस्तुत मांगो के संदर्भ में आयुक्त ने बताया कि अधिकतर मांगों का समाधान स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में स्वत: ही होने जा रहा है। अगले कुछ महीनो में शहर में स्मार्ट सिटी के काम नजर आएंगे। उन्होंने पार्षदो की ओर से प्रस्तुत मांगो को स्वीकार करते हुए कहा कि जिन कार्यों के एस्टीमेट बनने है, नगर निगम एस्टीमेट बनाकर काम शुरू करेगा, जो कार्य बिना एस्टीमेट के होने हैं, वह भी करवा दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत शहर में 25 हजार एलईडी लाईटे लगाई जाएंगी। सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाए रखने के लिए 40 टिप्पर खरीदें जाएंगे, 25 टैक्ट्रल-ट्राली किराए पर लेंगे और कुछ लोडर भी लिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि शहर की सभी मुख्य-मुख्य सड़कों की मरम्मत कर सुदृढ़ बनाया जाएगा, रेन वाटर हार्वेस्टर भी लगाए जाएंगे। नगर निगम सीमा में स्थित सभी सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाया जाएगा।

हाऊस की मीटिंग में महापौर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में करनाल शहर में करोड़ों रूपये के अनेक विकास कार्य हुए हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि शहर के प्रत्येक वार्ड में नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करवाए जाएं, ताकि उन्हें उसका फायदा मिल सके। महापौर ने कहा कि सभी विकास कार्यों से करनाल शहर स्मार्ट बनने की ओर अग्रसर है।

हाऊस की मीटिंग में वार्ड नम्बर 2 के पार्षद के अतिरिक्त शेष सभी वार्डों के पार्षद, संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, डीएमसी धीरज कुमार, चीफ इंजीनियर रामजी लाल, एसई दीपक किंग्गर सहित सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सदन की कार्रवाई शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई।

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