बाइक पर ही ढो दी बजरी, 3 किलोमीटर का किराया 22 हजार

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आपने हिमाचल प्रदेश में स्कूटर पर सेब ढोने का बहुचर्चित मामला तो सुना ही होगा, लेकिन जिला ऊना में ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पर सेब नहीं, बल्कि दर्जनों ट्रॉलियों की बजरी दोपहिया वाहन पर ही ढो दी गई।

जिला ऊना के हरोली उपमंडल के अप्पर बढेड़ा पंचायत में करवाए गए विकास कार्यों के लिए लाई गई बजरी किसी ट्रैक्टर, ट्रक या टिप्पर में नहीं, बल्कि बाइक पर पहुंचाई गई है। इसका खुलासा गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा ली गई आरटीआई में मिली जानकारी के बाद हुआ है। आरटीआई की जानकारी में मात्र तीन किलोमीटर से आने वाले वाहन का किराया भी 13 सौ रुपये से लेकर 22 हजार रुपये दर्शाया गया है।

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ग्रामीण ने इसके अलावा भी कई अनियमितताओं का खुलासा किया है। ग्रामीण ने इन अनियमितताओं को लेकर न केवल सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी है, बल्कि विजिलेंस के पास भी मामले की शिकायत देने के लिए कागजात जुटाने शुरू कर दिए हैं।

ग्राम पंचायत प्रधान बीरू राम ने कहा कि सारा मामला राजनीतिक तौर पर प्रेरित है। पंचायत कार्यों में किसी भी तरह की कोई अनियमतता नहीं हुई है। सरकारी मापदंडों के अनुसार ही कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने आरोप लगाए हैं, उनकी एक गली का निर्माण नहीं हुआ है, जिस कारण ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।

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