जम्मू कश्मीर पर बड़ी खबर: लागू हुआ ये नया कानून, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा से कृषि विधेयक पास होने के बाद आज विपक्षियों की अपील और देश में जारी इस बिल पर हो रहे विरोध के बीच राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने इसे मंजूरी दे दी। वहीं इसके बाद राष्ट्रपति ने जम्मू कश्मीर को एक नए कानून को मंजूरी दी है। इसके तहत जम्मू कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं की सूची में उर्दू और अंग्रेजी के अतिरिक्त कश्मीरी, डोगरी और हिंदी को शामिल किया गया है।

राष्ट्रपति ने दी जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक को मंजूरी

दरअसल, भारतीय राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक को रविवार को मंजूरी दे दी। अब केंद्र शासित राज्य जम्मू कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में कश्मीरी, डोगरी और हिंदी को भी शामिल कर लिया गया है। इसके पहले तक सिर्फ उर्दू और अंग्रेजी ही आधिकारिक भाषाओँ में शामिल थे।

मानसून सत्र के दौरान हुआ था विधेयक पारित

बता दें कि हाल ही में मानसून सत्र के दौरान जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक, 2020 को पारित किया था। वहीं गजट अधिसूचना के मुताबिक जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक, 2020 को राष्ट्रपति ने अपनी मंजूरी दे दी।

कश्मीरी, डोगरी और हिंदी भाषा की उठी थी मांग

गौरतबल है कि संसद में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने सत्र के दौरान कहा था कि जम्मू कश्मीर के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग थी कि वहां बोली जाने वाली भाषाओं को आधिकारिक भाषाओं की सूची में शामिल किया जाये। बताया गया कि वहां करीब 74 प्रतिशत लोग कश्मीरी और डोगरी भाषाएं बोलते हैं। वहीं साल 2011 की जनगणना के आधार पर जम्मू कश्मीर में 0.16 प्रतिशत आबादी उर्दू और 2.3 प्रतिशत आबादी हिंदी बोलती है।

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