सरकारी षड्यंत्र से सावधान रहें सिख समाज, सिखों को आपस में लड़वाना चाहती है सरकार-अनुराधा भार्गव, एसएचओ हरजिंदर सिंह, कुलबीर सिंह और गुरजीत सिंह अगर गद्दार है तो बाकी पुलिसकर्मी क्यों नहीं?

IBN24 न्यूज़/करनाल रिपोर्टर (करनाल) : भारत में 36 बिरादरी के लोग रहते हैं जिसमें भाईचारे का संदेश देखने को मिलता है लेकिन किसान आंदोलन में सबसे सक्रिय भूमिका निभा रहे सिख समाज के लोग अब सरकार के निशाने पर है। सरकार का एक धड़ा सिख समाज के लोगो को आपस मे लड़वाकर किसान आंदोलन को तोड़ना चाहता है। गुरु तेग बहादुर ब्रिगेड की चेयरमैन और एडवोकेट अनुराधा भार्गव ने अपने कार्यालय में एक प्रेसवार्ता रखी जिसमें उन्होंने समाज में फैल रही नफरत के बारे में बात की। उन्होंने सिखों को सरकार और प्रशासन द्वारा मोहरा बनाने पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। भार्गव ने कहा कि करनाल प्रशासन सदैव जनता के लिए अच्छे कार्य करता आया है लेकिन सरकार ने प्रशासन गलत निर्देश देकर किसानों पर लाठीचार्ज करवाया। शांतिप्रिय ढंग से किसान आंदोलन कर रहे तमाम किसान 28 अगस्त को भी शांतिपूर्वक अपनी मांगों को लेकर बसताड़ा टोलटैक्स पर डटे हुए थे लेकिन सरकार द्वारा माहौल खराब करने की नीयत से किसानों पर लाठीचार्ज के आदेश देकर समाज के ताने बाने और किसान आंदोलन को खराब करने की कोशिश की है।

अनुराधा भार्गव ने पुलिस द्वारा जो लाठीचार्ज किया उसकी कड़ी निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रशासन के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन बीजेपी का आईटी सेल जिस तरह करनाल पुलिस के एसएचओ हरजिंदर सिंह, सिपाही कुलबीर सिंह, पुलिस अधिकारी गुरजीत सिंह को गद्दार बताकर पोस्ट वायरल कर रहा है उससे साफ है कि समाज को तोड़ने की बात की जा रही है जिसे किसान आंदोलन में शामिल सिख समाज जाने अनजाने समझ नहीं पा रहा। उन्होंने कहा कि वो खुद किसानों की उस मांग का समर्थन करती है जिसमें दोषी अफसरों पर कड़ी कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही गई है लेकिन कौम का गद्दार शब्द किसानों के आंदोलन को तोड़ने की एक शुरुआत है तथा ये समाज मे एक गलत संदेश दे रहा है।

उनके साथ प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे ज्ञानी तेजपाल सिंह अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक कुरुक्षेत्र और लखविंदर सिंह संधू, चेयरमैन बैकुण्ठ धाम गुरुद्वारा साहिब कुरुक्षेत्र ने अपील करते हुए कहा कि हम ऐसी कोई प्रथा शुरू न करे जिससे समाज में सिख समाज बंटा हुआ दिखे। उन्होंने हरियाणा व पंजाब सहित तमाम देश के लोगो से अपील की और बताया कि अगर देखा जाए तो सभी अफसरों ने सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया क्योंकि राष्ट्र धर्म सबसे पहले है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने एक साजिश के तहत एसएचओ हरजिंदर को गद्दार बनाकर समाज के सामने खड़ा करने की कोशिश की लेकिन वो पूरी तरह विफल होती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि ये सब इसलिए किया जा रहा है ताकि को सिखों के खिलाफ सिख समाज को ही भड़का कर अपना उल्लू सीधा किया जाए। सरदार लखविंदर सिंह ने कहा कि देखा जाए तो उस लाठीचार्ज में और भी अधिकारी वहां पर मौजूद थे, डीएसपी, एसएचओ के साथ तमाम अधिकारी व कर्मचारी सभी अपनी ड्यूटी निभा रहे थे लेकिन निशाने पर केवल सिख समाज को लिया गया।
उन्होंने कहा कि जैसे बर्बरता से किसानों को लाठियां मारी गई और उनके ऊपर जो बर्बरता का कार्य सरकार द्वारा एसडीएम के द्वारा आदेश देकर करवाया गया वो उसके बिल्कुल खिलाफ है तथा तमाम दोषियों के उर कंडी कार्रवाई की मांग करती है लेकिन समाजिक बहिष्कार और कौम का गद्दार जैसे शब्द सिखों को आपस मे लड़वाने के लिए बोले जा रहे है।
वहीं पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए एडवोकेट अनुराधा भार्गव ने कहा कि वो किसान भाइयों के साथ मिलकर सभी दोषी अधिकारियों को बर्खास्त करवाने की अपील करेंगी और यदि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने गलत तरीके से किसानों पर लाठियां भांजी है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगी। उन्होंने कहा कि एसएचओ हरजिंदर सिंह, कुलबीर सिंह व गुरजिंदर सिंह को कौम का गद्दार साबित करने के लिए लोगों ने जो पोस्ट डाली है वह उसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि एसएचओ हरजिंदर, कुलबीर सिंह व गुरजीत सिंग ने सदैव करनाल में करोना काल के दौरान लोगो की मदद की।

उन्होंने बताया कि सदैव लोगो की सेवा करने में तत्पर सिख समाज की शान को बरकरार रखते हुए कोरोना काल मे उक्त अफसरों द्वारा ऑक्सीजन सिलेंडर देने के समय भी इन तीनो ने लोगों की सेवा की है हालांकि अनुराधा भार्गव ने कहा कि वह उन को व्यक्तिगत नहीं जानती परंतु फिर भी सोशल मीडिया के जरिए उनकी सेवाएं देखने को मिली चाहे स्कूल के लिए जमीन देने की बात हो चाहे गुरुद्वारा साहब के लिए या शमशान घाट के लिए भूमि दान करने की बात हो उनका परिवार हमेशा किसान आंदोलन में तन मन धन से लगा हुआ था लेकिन आज व्यक्तिगत किसी सिख को कहना कि वह कौम का गद्दार है यह बिल्कुल ही निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि कुछ लोगो ने उक्त पुलिसकर्मियों के घर का घेराव किया और उन को अपशब्द बोले, कोम का गद्दार बताया जोकि बिल्कुल सही नहीं है। अनुराधा भार्गव ने सिख समाज से अपील करते हुए कहा कि सिखों को सरकार अपने षडयंत्र का शिकार बना रही है। सिख समाज को ये सब समझना जरूरी है कि आप लोगो को आपस में लड़वाकर राजनीति की जा रही है।

वहीं दूसरी तरफ ज्ञान तेजपाल सिंह जी जो कि अंतरराष्ट्रीय कथावाचक कुरुक्षेत्र से उन्होंने कहा के सरकार के द्वारा प्रशासन में आमजन को आमने सामने खड़ा करके अपनी नीतियों को प्रचार ने के लिए मोहरा बनाया जाता है। पुलिस प्रशासन में भी किसानों के बच्चे हैं और किसान पिछले 9 महीने से हर वर्ग की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी समय है कि वो सरकार इस षड्यंत्र को समझें नहीं तो किसान आंदोलन को टूटने में ज्यादा समय नहीं लगेगा क्योंकि सरकार और सरकार में बैठे नेता शायद उसी वक़्त का इंतजार कर रहे है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी की घटना इस बात का ताजा उदाहरण है लेकिन कहीं न कहीं फिर से समाज और किसानों में वही आग लगाने की कोशिश की जा रही है।

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