बैंक ऑफ बड़ौदा का बड़ा फैसला; अब बैंक के 50% कर्मचारी अगले इतने साल तक कर सकेंगे घर से काम

नई दिल्ली. बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) अपने कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। बैंक ने अपने कुल टोटल वर्कफोर्स को 50-50 भाग में विभाजित करेगी, जहां 50 फीसदी कर्मचारी अगले पांच सालों तक घर से काम करेंगे और बाकी कर्मचारी ब्रांच से काम करेंगे।

क्या कहा बैंक ने ?

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य कार्यकारी संजीव चड्ढा ने मंगलवार को भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के एचआर सम्मेलन में कहा कि मुझे लगता है यह काफी संभव है कि अगले चार से पांच सालों में बैंक अपने कर्मचारियों के हित में उनके स्वास्थ्य से हित में काम करेगी। जहां केवल 50% कर्मचारी ब्रांच में फुल टाइम काम करेंगे बाकी 50% घर से काम कर रहे होंगे।

ग्राहक जरूरी काम से ही बैंक जाते हैं

चड्ढा के अनुसार, लगभग 80% कर्मचारी दफ्तर में हैं से कार्यरत हैं जबकि ग्राहक सिर्फ जरूरी काम के लिए ही ब्रांच में जा रहे हैं। ऐसे में बैंक से ज्यादा कर्मचारी के काम करने की पॉलिसी में बदलाव की जाएगी। बैंक अपने कर्मचारियों को उन तीन कैटेगरी में विभाजित कर सकता है, जिन्हें ब्रांच में काम करने की जरूरत है। दूसरा वे लोग जो दूर-दराज से आते हैं और तीसरा जो हाइब्रिड तरीके से काम कर सकते हैं।

कोरोना ने बदला काम का तरीका

बता दें कि कोविड के दौरान कई सेक्टर्स ने अपने काम के तौर तरीके को बदला है। उन्हें वर्क फ्राम होम मॉडल अपनाने के लिए मजबूर किया है, लेकिन बैंकिंग क्षेत्र में इसके विकल्प कम नजर आ रहे थे। हालांकि अब बैंकों के लिए WFH पॉलिसी के लागू होने के बाद भी यह गैर-ग्राहक वाली भूमिकाओं के लिए अधिक फायदेमंद होगा।

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