बैंक ग्राहकों को झटका: RBI ने फीके किए त्योहारों के टेस्ट, EMI पर हुआ बड़ा ऐलान

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकटों से आम जन को राहत पहुंचाने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इण्डिया ने इएम्आई जमा करने में छूट प्रदान किया था। RBI ने त्योहारों से पहले मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक के नतीजों का ऐलान कर दिया है। आरबीआई के गवर्नर शक्तिसकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इसके बारे में जानकारी दी। इस दौरान उन्होने बताया कि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मतलब ये कि रेपो रेट चार फीसदी पर बरकरार है।

आरबीआई ने फेरा ग्राहकों की उमीदों पर पानी

आने वाले त्योहारों के सीजन को देखते हुए ये उम्मीद की जा रही थी कि आरबीआई डिमांड बढ़ाने के लिए रेपो रेट पर कैंची चला सकता है। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ है। बता दें कि बीते अगस्त महीने में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया था।

रेपो रेट में 1.15 प्रतिशत की कटौती हो चुकी है

हालांकि, केंद्रीय बैंक इससे पहले पिछली दो बैठकों में रेपो रेट में 1.15 प्रतिशत की कटौती कर चुका है। फिलहाल रेपो दर चार प्रतिशत, रिवर्स रेपो दर 3.35 प्रतिशत है। आरबीआई गवर्नर शक्ति कांत दास ने बताया कि सभी सेक्टकर में ग्रोथ देखने को मिल रही है। उन्हों ने कहा कि अब कोविड रोकने से ज्या दा फोकस रिवाइवल पर है।

एमपीसी में तीन सदस्यों की नई नियुक्ति

बताया गया है कि रिजर्व बैंक ने पहले मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक का दिन 28 सितंबर को तय किया था। लेकिन समिति के सदस्यो की नियुक्ति की वजह से बैठक को आगे के लिए टाल दिया गया था। सरकार ने एमपीसी में तीन सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। तीन जाने माने अर्थशास्त्रियों अशिमा गोयल, जयंत आर वर्मा और शशांक भिडे को एमपीसी का सदस्य नियुक्त किया गया है। इन सदस्यों की नियुक्ति चेतन घाटे, पामी दुआ, रविन्द्र ढोलकिया के स्थान पर की गई है। इनका कार्यकाल सितंबर में पूरा हो गया था।

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