किसानों के हैशटैग पर आये बाबा रामदेव, कर दिया ये काम

नई दिल्ली। अब बाबा रामदेव और उनके ब्रांड पतंजलि के प्रोडक्ट्स भी आंदोलन की भेंट चढ़ने वाले हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स योग गुरु बाबा रामदेव और उनकी कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के प्रोडक्ट्स को लेकर ट्रोल कर रहे है। यूजर्स बाबा रामदेव की कंपनी को ट्रोल करते हुए तरह-तरह के मीम्स शेयर कर रहे है। इतना ही नहीं, कई यूजर्स तो तंज कसते हुए बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद के प्रोडक्ट का बहिष्कार भी करने की बात भी दिख रहे है।

दरअसल, माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्वीटर पर #BoycottPatanjali ट्रेंड कर रहा है। इसके माध्यम से कई यूजर्स किसान आंदोलन से जोड़ते हुए बाबा रामदेव की कंपनी के प्रोडक्ट्स का उपयोग नहीं करने की बात कर रहे है। एक यूजर ने लिखा है, कोरोना वायरस के संक्रमण और उसके इलाज के लिए पतंजलि आयुर्वेद की ओर से कोरोनिल दवा बनाने का दावा आपका गलत साबित हुआ है। अब आपकी कंपनी की ओर से बाजार में बिक रहे हनी में भी मिलावट की बात सामने आयी है।

गौर हो कि कोरोना दवा इजाद करने का दवा करने के बाद बाबा रामदेव इंटरनेट पर जमकर ट्रोल हुए थे। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना दावा वापस ले लिया था। इससे पहले बाबा रामदेव सोशल मीडिया पर हल चला छा गये थे. जिसको लेकर कुछ ने उन्हें ट्रोल किया था तो कई उनके समर्थन में कूद गये थे. दरअसल, बाबा रामदेव ने सोशल मीडिया पर खेत में हल चलाने की कुछ तस्वीरें पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने लिखा है कि मेरा जन्म किसान परिवार में हुआ और कर्म से योगी बन गया। आज स्वस्थ रहने के लिए हर व्यक्ति जैसे फैमिली डॉक्टर रखता है, वैसे ही फैमिली किसान रखना पड़ेगा।

लेकिन इन सब के बीच बाबा रामदेव ने कहा है कि सरकार और किसानों को मिलकर गतिरोध दूर करना चाहिए। किसान आंदोलन को समाप्त करने का रास्ता निकालने के लिए दोनों पक्षों को पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि किसानों का मुद्दा अति संवेदनशील है। देश का अन्नदाता अत्याधिक महत्वपूर्ण हैं, किसान आंदोलन को लम्बा ना किया जाए।

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि किसान आंदोलन एक अति संवेदनशील मुद्दा है। सरकार को गतिरोध समाप्त करने की पहल करनी चाहिए और कुछ बातें आंदोलित किसानों की सरकार मानें और कुछ बातें किसान भी सरकार की मानें, तभी इस आंदोलन को समाप्त किया जा सकता है।

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि अन्नदाता का किसी रूप में तिरस्कार नहीं होना चाहिए। बाबा ने कहा कि बीच का रास्ता शीघ्र निकाला जाए, ताकि किसान आंदोलन समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि किसान एमएसपी को समाप्त कर मंडियों को खत्म करने की बात कर रहे हैं। उधर सरकार एमएसपी व मंडियों के समाप्त न करने का लिखित आश्वासन देने को तैयार है। इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, क्योंकि आज देश को आत्मनिर्भर बनाने व आर्थिक उन्नति के लिए सभी क्षेत्रों में नई क्रान्ति आ रही है तो कृषि में भी नई क्रान्ति आनी चाहिए।

योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि सरकार जो बदलाव चाहती है, उस पर आम सहमति बने। किसानों की बात को भी सर्वोपरि रखकर उस पर भी विचार किया जाना चाहिए। दोनों ओर की सहमति से किसान आंदोलन को समाप्त किया जाए। सरकार व किसानों के बीच चल रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों को बातचीत करनी चाहिए।

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