जानिए कैसे बनेगा लाभार्थियों का आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड

आयुष्मान योजना के तहत पात्रों का अब आशावर्कर गोल्डन कार्ड बनवाने में करेंगी सहयोग !

टोल फ्री नम्बर 14555-1800-111565 से ले सकते हैं गोल्डन कार्ड की जानकारी – सीएमओ डॉ. अश्विन आहूजा।

  • करनाल (आकर्षण उप्पल) सिविल सर्जन डॉ. अश्विन आहूजा ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत करनाल जिला के 42 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 9 सरकारी तथा 33 निजी अस्पताल शामिल हैं। इस योजना के तहत करनाल जिले में अब तक 1 लाख 40 हजार से अधिक के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिले के करीब 10 हजार लाभार्थी इस योजना के तहत ईलाज करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरूआत प्रदेश में 23 सितम्बर 2018 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा करनाल से की गई थी।
  • इस योजना के तहत लाभार्थी परिवार सालाना 5 लाख रूपये तक का मुफ्त ईलाज किसी भी सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पतालों में करवा सकते हैं, जिसके लिए उसे कोई पैसा नहीं देना होगा। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग करनाल के द्वारा गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र की आशा वर्कर द्वारा जिन लाभार्थियों का आयुष्मान भारत योजना के तहत सूची में नाम तो है, पंरतु उन्होंने किसी कारणवश अपना गोल्डन कार्ड नहीं बनवाया है, उन सभी का आशा वर्करों द्वारा गोल्डन कार्ड बनवाने में सहायता की जाएगी। इसके बदले आशा वर्कर को 5 रूपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान योजना के तहत सभी सूचीबद्ध सरकारी व निजी अस्पताल में मुफ्त तथा कॉमन सर्विस सेंटर तथा अटल सेवा केन्द्रों पर भी यह कार्ड मात्र 30 रूपये में बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अधिक जानकारी लेने के लिए टोल फ्री नम्बर 14555-1800-111565 पर कॉल करके प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि लाभार्थी अपने परिवार का नाम भी इस टोल फ्री नम्बर के माध्यम से चैक करवा सकते हैं।
  • उन्होंने लाभार्थी पात्रों से निवेदन किया है कि वह व्यक्ति, ठग व संस्था के झांसे में ना आएं, जो पैसे लेकर कार्ड बनवाने का दावा करते हैं। ऐसे कार्ड फर्जी कार्ड हो सकते हैं, जोकि मान्य नहीं होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कोई व्यक्ति व संस्था अस्पताल को पैलन करवाने व सर्टिफिकेट दिलवाने के लिए पैसे की मांग करे, वह गैर-कानूनी होगा, उसके खिलाफ सरकारी हिदायतों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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