Asia Richest Person : दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ सिर्फ तकनीक को नहीं, बल्कि अरबपतियों की रैंकिंग को भी बदल रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं बाइटडांस (ByteDance) और टिकटॉक (TikTok) के सह-संस्थापक झांग यिमिंग, जिन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है।
Written by Kajal Panchal • Published on : 4 June 2026
IBN24 News Network : ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार झांग यिमिंग की कुल संपत्ति बढ़कर 92.8 बिलियन डॉलर पहुंच गई है, जबकि मुकेश अंबानी की संपत्ति 86.9 बिलियन डॉलर आंकी गई है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कुछ ही वर्षों में झांग यिमिंग की दौलत इतनी तेजी से कैसे बढ़ी? क्या इसके पीछे सिर्फ टिकटॉक की सफलता है या फिर AI ने उनकी किस्मत बदल दी है?
AI बना झांग यिमिंग की दौलत का नया इंजन
विशेषज्ञों का मानना है कि झांग यिमिंग की संपत्ति में हालिया उछाल का सबसे बड़ा कारण बाइटडांस का AI सेक्टर में आक्रामक विस्तार है।
कंपनी का AI चैटबॉट Doubao चीन का सबसे लोकप्रिय AI प्लेटफॉर्म बन चुका है। इसके मासिक सक्रिय यूजर्स की संख्या 30 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। यह चैटबॉट ChatGPT और Google Gemini जैसे वैश्विक AI प्लेटफॉर्म्स को चुनौती दे रहा है।
AI की बढ़ती मांग के बीच निवेशकों को भरोसा है कि बाइटडांस भविष्य में सिर्फ सोशल मीडिया कंपनी नहीं, बल्कि एक बड़ी AI पावरहाउस बन सकती है। यही वजह है कि कंपनी का वैल्यूएशन लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा फायदा झांग यिमिंग की नेटवर्थ को मिल रहा है।
टिकटॉक से AI तक का सफर
झांग यिमिंग ने 2012 में बाइटडांस की स्थापना की थी। कंपनी ने पहले अपने कंटेंट रिकमेंडेशन एल्गोरिद्म से पहचान बनाई और बाद में टिकटॉक लॉन्च कर दुनिया के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स में जगह बनाई।
आज टिकटॉक के दुनिया भर में अरबों यूजर्स हैं। लेकिन हाल के वर्षों में कंपनी ने अपना फोकस AI, मशीन लर्निंग और बड़े भाषा मॉडल (LLMs) पर भी बढ़ाया है।
बाइटडांस अब सिर्फ वीडियो ऐप नहीं, बल्कि AI तकनीक में भी निवेश कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 2026 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और चिप्स पर लगभग 70 बिलियन डॉलर तक खर्च करने की योजना बना रही है।
सात साल में सात गुना बढ़ी संपत्ति
मार्च 2019 में झांग यिमिंग की संपत्ति करीब 13 बिलियन डॉलर थी। आज यह बढ़कर 92.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है।
यानी महज सात वर्षों में उनकी संपत्ति सात गुना से ज्यादा बढ़ गई है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, बाइटडांस की बढ़ती वैल्यूएशन और AI बिजनेस में निवेशकों के भरोसे ने उनकी संपत्ति में अरबों डॉलर का इजाफा किया है।
क्या AI अरबपतियों की नई फैक्ट्री बन गया है ?
पिछले दो वर्षों में दुनिया के कई टेक अरबपतियों की संपत्ति में भारी उछाल देखा गया है। Nvidia के जेन्सेन हुआंग, OpenAI के सैम ऑल्टमैन और माइक्रोसॉफ्ट, गूगल तथा मेटा जैसी कंपनियों के वैल्यूएशन में AI की वजह से रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
झांग यिमिंग का मामला भी इसी ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है। जहां पहले उनकी संपत्ति का मुख्य आधार टिकटॉक था, वहीं अब AI उनकी दौलत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है।
अंबानी और अडाणी से अलग है झांग का मॉडल
मुकेश अंबानी की संपत्ति मुख्य रूप से ऊर्जा, टेलीकॉम और रिटेल बिजनेस से जुड़ी है, जबकि गौतम अडाणी का साम्राज्य इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट्स और ऊर्जा क्षेत्र में फैला हुआ है।
इसके विपरीत झांग यिमिंग की संपत्ति डिजिटल टेक्नोलॉजी, एल्गोरिद्म और AI आधारित बिजनेस पर टिकी हुई है। यही वजह है कि AI बूम का सबसे बड़ा फायदा उन्हें मिल रहा है।
AI सेक्टर में बढ़ते निवेश और Doubao की लोकप्रियता को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में झांग यिमिंग की संपत्ति और तेजी से बढ़ सकती है। यदि बाइटडांस AI क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखती है, तो झांग यिमिंग भविष्य में एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बनने की दौड़ में भी मजबूत दावेदार साबित हो सकते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि AI सिर्फ दुनिया को नहीं बदल रहा, बल्कि अरबपतियों की सूची भी दोबारा लिख रहा है। और इस बदलाव का सबसे बड़ा चेहरा फिलहाल झांग यिमिंग बनकर उभरे हैं।
Please also read this article : Gold Price Today: गिरावट के बाद संभला बाजार, जानिए देशभर में कहां पर कितना है सोने का भाव
Instagram: https://www.instagram.com/ibn24newsnetwork
पल पल की खबर के लिए IBN24 NEWS NETWORK का YOUTUBE चैनल आज ही सब्सक्राइब करें। चैनल लिंक:https://youtube.com/@IBN24NewsNetwork?si=ofbILODmUt20-zC3
शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

