हरियाणा में प्री पेड मीटर लगाने की मिली मंजूरी, उपभोक्ताओं को मिलेगी ये छूट

हरियाणा में जल्द ही लोगों को स्मार्ट मीटरों की सुविधा मिलने वाली है। एचईआरसी ने प्री-पेड मीटर व्यवस्था शुरू करने के लिए बिजली वितरण कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसने प्री-पेड सुविधा का लाभ उठाने वाले उपभोक्ताओं के लिए लागू टैरिफ पर 5 प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। यह निर्णय बिलिंग और संग्रह दक्षता में सुधार के लिए कारगर साबित होगा।

हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (एचईआरसी) के चेयरमैन दीपेंद्र सिंह ढेसी, सदस्य प्राविंद्रा सिंह चौहान व सदस्य नरेश सरदाना ने हरियाणा की बिजली वितरण कंपनियों के वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) आर्डर 2020-21 पर हस्ताक्षर कर दिए है। माना जा रहा है कि प्रीपेड मीटरों के आने के आम ग्राहकों को काफी फायदा होगा।

हरियाणा में स्मार्ट मीटरों को लगाने के बाद माना जा रहा है कि उपभोक्ता अपनी मर्जी के हिसाब से बिजली की खपत करेगा, वहीं इस प्रक्रिया के शुरु होने के बाद बिजली की कटौती भी कम होगी। वहीं ग्राहकों भी अपनी सुविधा के अनुसार की बिजली का इस्तेमाल करेगा, जिससे बिजली की ज्यादा बर्बादी नहीं होगी और आर्थिक तौर पर भी ग्राहकों को लाभ मिलेगा।

बिजली निगम ने घरेलू उपभोक्ताओं को आज बड़ी राहत दी है। प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओँ को इसका सीधा सीधा फायदा, वहीं उपभोक्ताओ को करीब 465 करोड़ का लाभ मिल सकेगा।

एचईआरसी ने डिस्कॉम को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  1. 6 महीने में 10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा किया जाएगा।
  1. स्मार्ट मीटर वाले सभी उपभोक्ताओं को छह महीने के भीतर प्री-पेड कनेक्शन की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  1. डिस्कॉम को अपने परफोरमंस मापदंडों को प्रकाशित करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को पता चले कि उनके सेवा प्रदाता ने साथियों की तुलना में कैसा काम किया है।
  1. हरियाणा में कम से कम एक शहर (पंचकूला या एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल) होना चाहिए जो रूफ टॉप सोलर जेनरेशन का उपयोग करके पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित हो।
  1. नवीकरणीय खरीद दायित्व के बैकलॉग को मंजूरी दी जानी चाहिए और इसे 31.03.2022 से आगे ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रियायती शुल्क

प्रति माह 150 यूनिट तक की खपत वाले घरेलू उपभोक्ता निम्नानुसार रियायती शुल्क का फायदा लेते रहेंगे: –

प्रति माह युनिट दर

0-50 यूनिट 2 रुपये प्रति किलोवाट

51-100 यूनिट 2.50 रुपये प्रति किलोवाट

0-150 यूनिट 2.50 रुपये प्रति किलोवाट

ऐसे उपभोक्ताओं को 465 करोड़ रुपए का लाभ मिल सकेगा।

घरेलू आपूर्ति उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 800 यूनिट तक खपत के लिए वितरण और खुदरा आपूर्ति शुल्क में 42 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसलिए, ऐसे उपभोक्ताओं के लिए बिजली का बिल लगभग 10 प्रतिशत कम हो जाएगा। कटौती राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और कटौती, श्रेणी दो टैरिफ के लिए लागू टैरिफ के हिसाब से होती है, जिसमें प्रति माह 0-150 यूनिट की खपत होती है।

  1. विद्युत शुल्क में कोई वृद्धि नहीं

कोरोना महामारी से उत्पन्न असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए एचईआरसी ने उपभोक्ताओं के किसी भी वर्ग के लिए बिजली दरों में वृद्धि नहीं करने का फैसला किया है।

एचटी/एलटी इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स, कमर्शियल कंज्यूमर्स, रेलवे/डीएमआरसी के सामने आने वाली कठिनाई को देखते हुए बिजली उपभोक्ताओं को टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना से बचने के लिए, हरियाणा पावर यूटिलिटीज यानी एचपीजीसीएल, एचवीपीएनएल, यूएचबीवीएनएल और डीएचबीवीएनएल को 850 करोड़ रुपए की अनुमानित रिटर्न ऑन इक्विटी की अनुमति नहीं दी है।

  1. वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर)

एचईआरसी ने 2020-21 के लिए 27,835 करोड़ रुपये का एआरआर दिया है। यह आंकड़ा 2019-20 में 28805 करोड़ रुपये था।

  1. पूंजीगत व्यय योजना।

एचईआरसी ने बिजली वितरण कंपनियों के लिए 2020-21 के लिए 2180 करोड़ रुपये की एक पूंजीगत व्यय योजना को मंजूरी दी है।

  1. आर.ई. सब्सिडी।

2020-21 के दौरान 9217 मिलियन यूनिट्स ए.पी. बिक्री का अनुमान है जिसके लिए बिजली विभाग 2020-21 के दौरान 6650 करोड़ रुपये की आर.ई. सब्सिडी प्रदान करेगा।

  1. आर्डर लागू होने की तिथि।

2020-21 के लिए एचईआरसी का टैरिफ आदेश 01.06.2020 से लागू होगा।

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