इस वजह से सेब की कीमतों में आई भारी गिरावट, आधे हुए दाम

नई दिल्ली: आम आदमी के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। थोक बाजारों में सेब (Apple Fruit Price Down) की कीमतें गिरकर आधी रह गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अच्छी गुणवत्ता वाले सेब की कीमतें गिरकर 50 रुपये से 40 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है। जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश (Best Quality Apple Fruits) से बढ़ी सप्लाई की वजह से कीमतें गिरी है। वहीं, डिमांड में भी गिरावट आई है। अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स को ऑल इंडिया ऐपल ग्रोअर्स एसोसिएशन (All India Apple Growers Association) के अध्यक्ष रविंदर चौहान ने बताया कि मौजूदा कीमतें वैसी ही हैं जैसी हमें 2017 में मिलीं, हालांकि इनपुट और लेबर कॉस्ट दोगुनी हो गई है। इस साल फसल कम है और कीटों के प्रकोप के कारण गुणवत्ता खराब है। नेपाल से लेबर की कमी ने हमारे संकट को बढ़ा दिया है, जिससे देरी हो रही है।

क्यों आई सेब की कीमतों में गिरावट- व्यापारियों ने कहा कि हिमाचल प्रदेश से अनुमानित 4 से 5 लाख टन में से करीब आधा और घाटी से अनुमानित 20 लाख टन का करीब 15 फीसदी सेब देश की मंडियों में पहुंच चुका है। दिल्ली की आजादपुर मंडी में सेब की औसत कीमत लगभग 40-50 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है।

कीमत ज्यादा आपूर्ति और कम मांग के कारण पिछले एक पखवाड़े में 50% तक गिर गई है। पिछले साल की तुलना में देश के विभिन्न हिस्सों में सप्ताहांत पर मांग 25% रही। अगले एक महीने के लिए कोई प्रमुख त्योहारी मांग नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और नेपाल से निर्यात मांग पिछले वर्ष का केवल 25% थी।

आजादपुर मंडी में ट्रकों की दैनिक आवक करीब 400 है। हर ट्रक में 12 से 15 टन सेब लदा होता है। यहां से देश भर की मंडियों में सेब जाता है।  जम्मू और कश्मीर से आपूर्ति महीने के अंत तक बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव डालेगी।

हिमाचल प्रदेश में सेब का उत्पादन पिछले साल की तुलना में 33% कम होने की उम्मीद की गई थी, जो इस साल 25 किलो के 2.5 करोड़ पेटी के बराबर है। हालांकि, बाजार में कम खरीददारों और कम गुणवत्ता वाली फसल की कीमतों में गिरावट आई है।

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