लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने दी पूरी जानकारी, इन 6 सरकारी कंपनियों को बंद कर रही है सरकार

वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag Singh Thakur) ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि सरकार रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री और माइनॉरिटी स्टेक डाइल्युशन के जरिए विनिवेश की नीति पर चल रही है। ठाकुर ने कहा कि नीति आयोग ने सरकारी कंपनियों के विनिवेश के लिए कुछ शर्तें तय की हैं। इसके आधार पर सरकार ने 2016 से अब तक 34 मामलों में रणनीतिक विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।  इनमें से 8 मामलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, 6 CPSE को बंद करने और मुकदमेबाजी पर विचार किया जा रहा है और बाकी 20 में विनिवेश की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है।

 वित्त राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर (Anurag Singh Thakur) ने सोमवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि सरकार रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री और माइनॉरिटी स्टेक डाइल्युशन के जरिए विनिवेश की नीति पर चल रही है. ठाकुर ने कहा कि नीति आयोग ने सरकारी कंपनियों के विनिवेश के लिए कुछ शर्तें तय की हैं. इसके आधार पर सरकार ने 2016 से अब तक 34 मामलों में रणनीतिक विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दी है. इनमें से 8 मामलों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, 6 CPSE को बंद करने और मुकदमेबाजी पर विचार किया जा रहा है और बाकी 20 में विनिवेश की प्रक्रिया विभिन्न चरणों में है.

जिन सरकारी कंपनियों को बंद करने/मुकदमेबाजी पर विचार किया जा रहा है उनमें हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन लिमिटेड (HFL), स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप्स एंड कम्प्रेसर्स लिमिटेड, हिंदुस्तान प्रीफैब, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा प्रॉजेक्ट एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिडेट, इंजीनियरिंग प्रॉजेक्ट (इंडिया) लिमिटेड, ब्रिज एंड रूफ कंपनी इंडिया लिमिटेड, सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCI) की यूनिट्स, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML), फैरो स्क्रैप निगम लिमिटेड और एनएमडीसी के नागरनार स्टील प्लांट में विनिवेश की प्रक्रिया चल रही है।

 जिन सरकारी कंपनियों को बंद करने/मुकदमेबाजी पर विचार किया जा रहा है उनमें हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन लिमिटेड (HFL), स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप्स एंड कम्प्रेसर्स लिमिटेड, हिंदुस्तान प्रीफैब, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड शामिल हैं. इसके अलावा प्रॉजेक्ट एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिडेट, इंजीनियरिंग प्रॉजेक्ट (इंडिया) लिमिटेड, ब्रिज एंड रूफ कंपनी इंडिया लिमिटेड, सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCI) की यूनिट्स, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML), फैरो स्क्रैप निगम लिमिटेड और एनएमडीसी के नागरनार स्टील प्लांट में विनिवेश की प्रक्रिया चल रही है.

ठाकुर ने आगे कहा कि अलॉय स्टील प्लांट, दुर्गापुर; सेलम स्टील प्लांट; सेल की भद्रावती यूनिट, पवन हंस, एयर इंडिया और इसकी पांच सहायक कंपनियों व एक संयुक्त उपक्रम में भी रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया जारी है।

एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड, इंडियन मेडिसिन एंड फार्मास्युटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, आईटीडीसी की विभिन्न यूनिट्स, हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स, बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड को छोड़), शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड में भी रणनीतिक बिक्री होगी।

 जिन CPSEs की रणनीतिक बिक्री प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें HPCL, REC, हॉस्पिटल सर्विसेज कंसल्टेंसी, नेशनल प्रॉजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन, ड्रेजिंग कॉरपोरेशन, THDC इंडिया लिमिटेड, नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) और कामाराजर पोर्ट शामिल हैं.

जिन CPSEs की रणनीतिक बिक्री प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनमें HPCL, REC, हॉस्पिटल सर्विसेज कंसल्टेंसी, नेशनल प्रॉजेक्ट कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन, ड्रेजिंग कॉरपोरेशन, THDC इंडिया लिमिटेड, नॉर्थ ईस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (NEEPCO) और कामाराजर पोर्ट शामिल हैं।

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