टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान की गई जान, किसानों ने रखी अब ये मांगे

कैथल। 31 दिन से लगातार तीन कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े किसान न तो सरकार के आगे और न ही मौसम के आगे हार मानने को तैयार है, खामियाजा शनिवार को कैथल के गांव हरदा निवासी 32 वर्षीय अमरपाल को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।

आग की तरह यह बात जब धरने पर बैठे किसानों तक फैली तो सरकार के खिलाफ नारेबाजी और तेज होती गई। साथ ही ये मांगे भी रखी है कि मृतक अमरनाथ को शहीद का दर्जा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

शव को कैथल के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है लेकिन अंतिम संस्कार करने पर अब पेंच फंस चुका है क्योंकि अब धरने पर बैठे किसानों ने सरकार से मांग कर दी है कि जब मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी व मृतक को शहीद का दर्जा नहीं मिल जाता तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। तो दूसरी ओर सरकार भी किसानों के आगे झुकने को तैयार नहीं है। वे भी किसानों की मांग को हर सिरे से खारिज कर उन्हें समझाने बुझाने में लगे हुए है। लेकिन बात सिरे नहीं चढ़ पा रही है।

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