किराया न देने वाले सभी दुकानदारों की दुकानों को नगर निगम ने किया सील ! बुजुर्ग दुकानदार ने जोड़े हाथ

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 6 अक्तूबर, वर्षों से जायज किराए पर नगर निगम की दुकानो में बिजनेस कर किराया जमा ना करवाने वाले दुकानदारों के खिलाफ सील करने जैसी कार्रवाई के लिए निगम इन दिनो एक्शन मोड में है। इसके चलते मंगलवार को निगम कर्मचारियों की एक टीम ने शहर में ऐसी 5 दुकानो को सील करने की कार्रवाई की। असर के चलते एक दुकानदार ने बिना देरी किए निगम कार्यालय में जाकर 1 लाख 14 हजार रूपये किराए राशि को जमा कर दिया, लेकिन 4 अन्य दुकानदारों ने ऐसी तत्परता नहीं दिखाई। परिणामस्वरूप 4 दुकाने सील हो गई।

इस बारे उपायुक्त एवं जिला नगर आयुक्त निशांत कुमार यादव ने बताया कि शहर में निगम की 600 से अधिक दुकाने हैं, जो बहुत ही जायज किराए पर हैं। इसके बावजूद भी यदि कोई दुकानदार समय पर नगर निगम में किराया जमा नहीं करवाया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई लाजमी बनती है। दूसरी ओर नगर निगम की आय के स्त्रोत इस तरह के किराए और प्रॉपर्टी टैक्स पर ही निर्भर हैं। सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि निगम या निकाय कार्यालय अपने स्त्रोतों से ही सारे खर्चे पूरे करें। किराए की दुकानो की बात करें, तो करीब 60 लाख रूपये की पेमेंट दुकानदारों की ओर पेंडिंग पड़ी है, जिसमें से 12 लाख रूपये ही निगम के खजाने में जमा हो पाए हैं। ऐसी स्थिति में किराया वसूल करना अनिवार्य हो जाता है।

जिला नगर आयुक्त ने ऐसे डिफाल्टर दुकानदारों को चेतावनी देते कहा है कि निगम नियमानुसार अपनी दुकानो का किराया हर हाल में वसूल करेगा, फिर भी जो दुकानदार किराया नही जमा करवाएगा, उस दुकान को सील कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद भी जो दुकानदार किराया जमा करवाने के प्रति लापरवाह रहेगा, उसका मामला न्यायालय में भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी ऐसी दुकानो को सील करने की कार्रवाई अमल में लाई गई थी और 4 दुकानो को सील किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दुकानो का सारा किराया निगम वसूल नहीं करेगा, ऐसी दुकानो को सील करने की कार्रवाई जारी रहेगी।

आज की कार्रवाई में नगर निगम के किराया सहायक जितेन्द्र मलिक, भवन निरीक्षक राजेश कुमार एवं विकास अरोड़ा तथा पुलिस के जवान भी मौजूद रहे। कार्रवाई में किसी तरह का विरोध भी नहीं हुआ।

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