HomeNationalअग्निपथ पर ग़ुस्से और आगज़नी के बीच पीएम के इस फ़ैसले से...

अग्निपथ पर ग़ुस्से और आगज़नी के बीच पीएम के इस फ़ैसले से ख़ुश उनके मंत्री

भारतीय सेना में भर्ती की नई योजना अग्निपथ के ख़िलाफ़ दूसरे दिन शुक्रवार को भी देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन जारी है. हिंसक प्रदर्शनकारियों ने बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के घर को भी निशाना बनाया है. इसके अलावा बिहार बीजेपी प्रमुख और पश्चिम चंपारण से लोकसभा सांसद संजय जायसवाल के घर पर भी हमला किया है.

बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना में ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है और प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेनों के कोचों में आग लगा दी गई है. हिंसा की आशंका को देखते हुए हरियाणा की सरकार ने फ़रीदाबाद और बल्लभगढ़ में इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने अग्निपथ के विरोध में हिंसक प्रदर्शन के बीच कहा है कि यह युवाओं के लिए अच्छा अवसर है. जनरल पांडे ने कहा, ”अग्निपथ के तहत जल्द ही भर्तियां शुरू होंगी. मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि वे इस अवसर को हाथ से न जाने दें.”

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने अग्निपथ को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि प्रधानमंत्री को नहीं पता है कि देश के लोग क्या चाहते हैं. राहुल ने कहा है कि पीएम केवल अपने मित्रों की सुनते हैं. वहीं प्रियंका गांधी ने अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग की है.

अग्निपथ योजना का विरोध करने वाले चार सालों की अस्थायी नियुक्ति से सहमत नहीं हैं. इसमें पेंशन की व्यवस्था नहीं है. इसके अलावा आजीवन हेल्थकेयर की भी व्यवस्था नहीं है. इन हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को अग्निपथ योजना में भर्ती होने की अधिकतम उम्र बढ़ाकर 21 से 23 साल कर दी है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उम्र बढ़ाने के फ़ैसले को ट्वीट करते हुए लिखा है, ”केंद्र सरकार की ओर से घोषित की गई ‘अग्निपथ योजना’ भारत के युवाओं को देश की रक्षा व्यवस्था से जुड़ने और देश सेवा करने का सुनहरा अवसर है. पिछले दो वर्षों से सेना में भर्ती की प्रक्रिया नहीं होने के कारण बहुत से युवाओं को सेना में भर्ती होने का अवसर नहीं मिल सका था.”

रक्षा मंत्री ने कहा, ”इसलिए युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सरकार ने अग्निवीरों को भर्ती की आयु सीमा को इस बार 21 वर्ष से बढ़ा कर 23 वर्ष कर दी है. उम्र में यह छूट इस साल के लिए है. इससे बहुत सारे युवाओं को अग्निवीर बनने की पात्रता प्राप्त हो जाएगी. मैं प्रधानमंत्री को युवाओं के भविष्य की चिंता करने और उनके प्रति संवेदनशीलता के लिए हृदय से धन्यवाद करता हूँ. मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि सेना में भर्ती की प्रक्रिया कुछ ही दिनों में प्रारम्भ होने जा रही है. वे इसके लिए अपनी तैयारी शुरू करें.”

गृह मंत्री अमित शाह ने भी ट्वीट कर कहा है, ”पिछले दो वर्ष कोरोना महामारी के कारण सेना में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई थी, इसलिए प्रधानमंत्री जी ने ‘अग्निपथ योजना’ में उन युवाओं की चिंता करते हुए पहले वर्ष उम्र सीमा में दो वर्ष की रियायत देकर उसे 21 साल से 23 साल करने का संवेदनशील निर्णय लिया है. इस निर्णय से बड़ी संख्या में युवा लाभान्वित होंगे और अग्निपथ योजना के माध्यम से देशसेवा और अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ेंगे.”

देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन

बिहार के कई शहरों के स्टेशनों पर ट्रेन के कोचों में आग लगाई गई है. बिहार की नीतीश कुमार सरकार में रेणु देवी बीजेपी कोटे से उपमुख्यमंत्री हैं. बिहार के बेतिया में उनके घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोला है. हालांकि रेणु देवी अभी पटना में हैं. उन्होंने एनडीटीवी से कहा है कि इस तरह की हिंसा समाज के लिए बहुत ही ख़तरनाक है. रेणु देवी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को याद रखना चाहिए कि इससे नुक़सान समाज का ही होगा.

इससे पहले बीजेपी के एक विधायक पर भी हमला हुआ था. बिहार के बेगूसराय में युवकों की भीड़ ने स्टेशन पर जमकर पत्थरबाज़ी की है. समस्तीपुर ज़िले में जम्मू-तवी एक्सप्रेस के दो कोचों में आग लगा दी गई. लखीसराय के बीजेपी दफ़्तर में भी प्रदर्शनकारियों ने हमला किया है.

शुक्रवार सुबह कई सारे छात्र बलिया स्टेशन पर आ पहुँचे और ट्रेनों में तोड़ फोड़ करने लगे. प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन पर खड़ी बलिया-सियालदह एक्सप्रेस और बलिया-लोकमान्य टर्मिनस एक्सप्रेस में तोड़फोड़ की. तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर भी अग्निपथ को लेकर हिंसा हुई है.

कुछ प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन को नुक़सान पहुँचाया है. यहां भी प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रेन के दो कोचों में आग लगा दी. सीसीटीवी कैमरा को भी नुक़सान पहुँचाया गया है. तेलंगाना में भी रेल सेवा बाधित हुई है.

इस बीच दक्षिण-मध्य रेलवे ने एमएमटीएस ट्रेनों के रद्द होने की सूची जारी की है. दक्षिणी मध्य रेलवे ने 40 से भी ज़्यादा ट्रेनों को रद्द किया है. हरियाणा में भी बड़ी संख्या में युवाओं ने नरवाना और जिंद ज़िले में रेल ट्रैक को बंद कर दिया है. मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों की सेवाएं बाधित हुई है. हरियाणा में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है.

सबसे हिंसक प्रदर्शन बिहार में हो रहा है. बिहार के आधे दर्जन ज़िलों में रेल सेवा बुरी तरह से बाधित हुई है. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सेना में भर्ती की पुरानी प्रक्रिया को बहाल किया जाए. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन में अभी तक कोई हताहत नहीं हुआ है. प्रदर्शनकारियों का कहना कि नई व्यवस्था में युवक 24 साल की उम्र में ही रिटायर हो जाएंगे.

एनडीए के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष ललन सिंह ने ट्वीट कर कहा है, ”अग्निपथ योजना से बिहार सहित देश के अन्य राज्यों के छात्रों एवं युवाओं में असंतोष का भाव उभरा है. जगह-जगह हिंसक घटनाएं हो रही हैं. केंद्र सरकार को अविलंब संज्ञान लेकर पुनर्विचार करना चाहिए. छात्रों-युवाओं को आश्वस्त करना चाहिए कि उनके भविष्य पर इसका कोई प्रतिकूल असर नहीं होगा.

हरियाणा में दूसरे दिन भी विरोध जारी

हरियाणा में लगातार दूसरे दिन भी अग्निपथ स्कीम को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है. राज्य सरकार ने अब तक तीन ज़िलों में लोगों को इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाए हैं. दिल्ली से सटे हुए गुरुग्राम में भी धारा 144 लागू कर की गयी है.

इससे पहले गुरुवार को फरीदाबाद और पलवल में भी धारा 144 लागू की गयी थी. शुक्रवार को जींद ज़िले के नरवना में युवाओं ने ट्रेन रोककर विरोध प्रदर्शन किया. इसके साथ ही युवाओं की ओर से पत्थरबाज़ी की भी ख़बरें आईं हैं.

ख़बरों के मुताबिक़, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इसके साथ ही युवाओं ने रोहतक, झज्जर, भिवाणी और नरनौल में भी विरोध प्रदर्शन किया.

इसी बीच किसान नेता गुरुनाम सिंह चढ़ूनी ने रोहतक में अग्निपथ स्कीम के विरोध में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय के बाहर एक दिन का धरना प्रदर्शन किया है.

Html code here! Replace this with any non empty raw html code and that's it.
RELATED ARTICLES

Most Popular