वायलेट, रेड और ग्रीन लाइन के बाद अब इस लाइन पर भी मेट्रो ने भरी रफ्तार

नोएडा। औद्योगिक नगरी नोएडा के बॉटेनिकल गार्डन स्टेशन पर 173 दिन बाद मजेंटा लाइन पर मेट्रो दोड़ने लगी। पांच माह बाद शुक्रवार सुबह ‘मेट्रो में अपका स्वागत है’, सुनकर लोग बेहद खुश नजर आए। यात्रा से पहले सभी के चेहरे अलग मुस्कान थी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने भी कोविड-19 से बचाव के लिए स्टेशन के प्रवेश द्वारा से लेकर सुरक्षा जांच तक फर्श पर लाल रंग के स्टीकर लगाए हैं। स्टेशन पर कोविड-19 से बचाव के पुख्ता इंतजाम हैं। थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही यात्री बैग सैनिटाइजेशन का इंतजाम है।

निर्धारित तापमान से अधिक होने पर यात्रियों को गेट पर ही रोका जा रहा है। स्मार्ट कॉर्ड धारकों को ही यात्रा की इजाजत है, लेकिन स्टेशन से टोकन नहीं दिए जा रहे हैं। इससे कम दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को थोड़ी परेशानी हो रही है। उन्हें स्मॉर्ट कार्ड खरीदने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। यात्री जांच कराकर लोग जैसे ही प्लेटफार्म पर पहुंचे, तो रेलवे ट्रैक पर खड़ी मेट्रो उनका इंतजार कर रही थी। कुछ बदलावों के साथ सुबह 7 बजे बोटेनिकल गार्डेन (नोएडा) से जनकपुरी वेस्ट (दिल्ली) के लिए रवाना हो गई।

पहली मेट्रो में कुल 23 यत्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई। मेटो चलते ही यात्री गदगद नजर आए। हालांकि, पहले की अपेक्षा की मेट्रोे में कम ही यात्री दिखे। ट्रेन में एक सीट छोड़कर स्टीकर लगाया था। स्टीकर लगी सीट पर बैठना प्रतिबंधित था। ट्रेन के अलावा बॉटेनिकल गार्डेन व ओखला बर्ड सेंचुरी स्टेशन पर साफ-सफाई मुकम्मल थी। यात्री भी शारीरिक दूरी का पालन करते हुए बैठे दिखे।

फरीदाबाद व गुरुग्राम जाना हुआ आसान

ब्लू लाइन व मजेंटा लाइन का जंक्शन नोएडा में बॉटेनिकल गार्डन है। मजेंटा लाइन पर मेट्रो शुरू होने पर बोटेनिकल गार्डन पर मुसाफिरों का दबाव बढ़ा दिखा। ब्लू लाइन के यात्रियों ने अपने गंत्वय तक जाने के लिए मजेंटा लाइन से मेट्रो पकड़ी। मजेंटा लाइन पर मेट्रो चलने से नोएडा ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए दिल्ली के साथ हरियाणा के फरीदाबाद, गुरुग्राम जाना आसान हुआ है। कई लोगों ने फरीदाबाद, गुरुग्राम के लिए मेट्रो का सहारा लिया। गौरतलब है कि इससे पहले नोएडा से फरीदाबाद, गुरुग्राम जाने वाले लोगों को पहले ब्लू लाइन मेट्रो से अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ता था।

पिछले कई दिनों से मेट्रो की कमी बहुत खल रही थी। जामिया नगर (दिल्ली) जाने में बहुत दिक्कत होती थी। प्रतिदिन कैब से आने-जाने में 600 रुपये खर्च होते थे। अब आसानी से अपने गंतव्य तक जा सकूंगी।

सुष्मा, यात्री

आए दिन किसी न काम से हौजखास (दिल्ली) जाना पड़ता है। मेट्रो बंद होने से दिक्कते हो रही थी। आज मेट्रो से यात्रा करके अपने गंतव्य की ओर जा रहे है। समय पर पहुंच जाएंगे।

चंदन कुमार, यात्री

मेट्रो में यात्रा की पुरानी यादें फिर ताजा हो गई। मेट्रोे में सुरक्षित और साफ-सफाई सुथरी दिखी। स्टेशन पर यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग व बैग सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया जाता है।

संजीव कुमार, यात्री

मेट्रो की कमी बहुत खल रही थी। जब पहले मेट्रो चल रही थी तो मेरे लिए फरीदाबाद आना जाना आसान था। लॉकडाउन में कुछ दिनों तक परेशानी उठानी पड़ी थी, लेकिन अब यह परेशानी खत्म हो गई है।

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