हरियाणा में 95 फीसद अभिभावकों की राय के बाद स्कूल खोलने को लेकर लिया बड़ा फैसला!

करनाल. कोरोना काल में स्कूलों (Schools) के खुलने पर सस्पेंस जरूर है, लेकिन संकेत साफ है. 5 महीने से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. अभिभावकों की परेशानी फिर भी वही है. हालांकि ट्रायल के तौर पर हरियाणा में फिलहाल करनाल (Karnal) और सोनीपत (Sonipat) में 2 सरकारी स्कूल खुलने जा रहे हैं. 95 फीसदी से ज्यादा अभिभावक यहां ऐसे मिले, जो अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं.

फिलहाल इन दोनों स्कूलों में दसवीं और बारहवीं की कक्षाएं शुरू होंगी. स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक, स्टाफ और छात्रों की बकायदा वीडियोग्राफी कराई जाएगी, जिससे भविष्य में यह तय हो सके कि बाकी दूसरे जिलों के स्कूल भी कैसे अनलॉक हो सकते हैं.

अभिभावकों ने सरकार पर जताया भरोसा

करनाल का निगधु गांव का सरकारी स्कूल सुर्खियों में है जहां अभिभावकों ने सरकार पर भरोसा जताया है. वहीं स्कूल प्रबंधन भी पूरी तरह तैयार है. लड़ाई कोरोना से है तो पढ़ाई भी उतना ही जरूरी है. लेकिन, इन दोनों स्कूलों के रिजल्ट पर निर्भर करेगा कि कोरोना काल में स्कूल खोलने का फैसला कितना सही है?

सोनीपत में स्‍कूल खोलने की पूर्व तैयारी

सोनीपत के वाजिदपुर सबौली के राजकीय उच्च विद्यालय में 10वीं कक्षा के बच्चों को बुलवाकर पढ़ाया गया. यह सरकार के निर्देश पर रिहर्सल की गई है. एक कमरे में 15 व एक पंक्ति में 5 बच्चों को बैठाने की इजाजत दी गई. यहां जो कक्षाएं चल रही हैं उनमें टीचर विशेष रूप से यह कोशिश कर रहे हैं कि सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखकर और मास्क लगाकर ही पढ़ाई करवाई जाए.

इसके बाद में जब विद्यालय की कक्षाएं पूर्ण होने के बाद स्कूल की छुट्टी होती है तो गेट पर सभी का टेंपरेचर भी नोट किया गया राजकीय उच्च विधालय के मुख्याध्यपक चांद किशोर ने बताया कि स्कूल में फिलहाल 4 विषय यानि हिंदी, अंग्रेजी, गणित व साइंस की कक्षाएं ही लगाई जाएंगी.

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