स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के 9 स्कूलो में 53 स्मार्ट क्लास रूम तैयार करने का काम जारी-DC निशांत यादव ने किया निरीक्षण

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 22 सितम्बर, जल्द ही अपने विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास रूम में पढऩे का मौका मिलेगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के 9 सरकारी स्कूलों में 53 स्मार्ट क्लास रूम तैयार किए जा रहे हैं और इन पर बड़े जोर-शोर से काम चल रहा है, जिसमें सिविल वर्क के साथ-साथ हार्डवेयर की इंस्टालेशन भी की जा रही है। एग्रीमेंट को देखें तो कम्पनी ने आगामी अक्तूबर के अंत तक सारा काम कम्पलीट करके देना है।

मंगलवार को उपायुक्त एवं करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ निशांत कुमार यादव ने डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम के कॉन्फ्रैंस रूम में इस प्रोजेक्ट को लेकर काम कर रही प्रोबिट प्लस प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी के प्रतिनिधि, प्रोजेक्ट मेनेजमेंट कंसल्टेंट और निगम के वरिष्ठ इंजीनियरों के साथ प्रोग्रेस को लेकर काफी देर तक मंथन किया।

उपायुक्त के अनुसार स्मार्ट सिटी के प्रपोजल के समय एबीडी यानि एरिया बेस्ड डव्लपमेंट और पैन सिटी के प्रोजेक्ट लिए गए थे। एबीडी में पडऩे वाले 9 सरकारी स्कूलों का सर्वे किया गया था, जिनमें अब स्मार्ट क्लास रूम बनाए जा रहे हैं। स्मार्ट क्लास रूम के लिए कम्पनी की ओर से अब तक 80 प्रतिशत से ज्यादा हार्डवेयर की डिलीवरी हो चुकी है।

क्या-क्या इंस्टाल होगा स्मार्ट क्लास में- प्रोग्रेस मीटिंग में बताया गया कि स्मार्ट क्लास के कमरो में एलईडी टीवी, कम्प्यूटर, यूपीएस, एटेंडेंस मेनेजमेंट के लिए आर.एफ.आई.डी. सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, रोबोटिक लैब के लिए मॉड्यूलर लैपटॉप, अंग्रेजी व हिन्दी दोनो माध्यमो में पढ़ाई की सामग्री डिजीटल कॉन्टेंट में होगी तथा पढ़ाई के लिए ऑडियो-विडियो सिस्टम भी रहेगा।

कैसी होगी पढ़ाई, क्या है खासियत- सीईओ के अनुसार स्मार्ट क्लास रूम में बच्चे ई-लर्निंग से पढ़ाई करेंगे, यानि पुराने ट्रेडिशन से एकदम अलग। इन स्कूलो में पहली से सीनियर सेकेण्डरी तक हर लेवल के बच्चे पढ़ सकेंगे। हर क्लास रूम में दो-दो कैमरे होंगे। स्मार्ट तरीके से पढ़ाई के लिए चयन किए गए स्कूलो में विद्यार्थियों की अटैंडेंस भी बढ़ेगी। चयनित स्कूलो में रोबोटिक लैब और स्टैम लैब स्थापित होंगी।

रोबोटिक लैब में बच्चे किट के द्वारा अलग-अलग तरह के मॉडल बना सकेंगे, जैसे रोबोट, चलती-फिरती गाडियां, वाटर फ्लो सेंसर इत्यादि के मॉडल। जबकि स्टैम लैब में फिजिक्स केमिस्ट्री जैसे विषयों के प्रयोग मॉडल के द्वारा किए जाएंगे। इनमें तीन लैब लड़कों के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में, एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मॉडल टाऊन, दो लैब रेलवे रोड़ स्थित लड़कियों के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तथा दो लैब शहर के राजकीय प्राईमरी स्कूल नम्बर-4 में स्थापित की जाएंगी।

प्रशिक्षित टीचर पढ़ाएंगे- स्मार्ट क्लास रूम में प्रशिक्षित टीचर बच्चों को पढाएंगे, जो सब्जेट वाईज़ होंगे। एक बार इनकी ट्रेनिंग करवाई जा चुकी है, दोबारा से भी करवाई जाएगी। लेकिन स्मार्ट तरीके से बच्चों की पढ़ाई पर अलग से कोई खर्च नहीं लिया जाएगा।

उपायुक्त ने मीटिंग के बाद मॉडल टाऊन स्थित सरकारी स्कूल में बनाए जा रहे स्मार्ट क्लास रूम का निरीक्षण किया। स्कूल के कमरों को अच्छे तरीके से वाईट वाश कर उन्हे बाला (बिल्डिंग ऐज़ लर्निंग ऐड) के तरीके से तैयार किया गया था, यानि बिल्डिंग पर अलग-अलग मॉडल, उनके पार्ट्स और तैयार करने को दिखाया गया था, ताकि इन्हें देखकर विद्यार्थी खुद सीख सकें। इसी दौरे में उपायुक्त ने विद्यालय के आगे स्मार्ट सिटी के ही एक अन्य प्रोजेक्ट के तहत बनाए गए रेन वाटर हार्वेस्टर का भी निरीक्षण किया।

प्रोग्रेस मीटिंग में चीफ इंजीनियर रामजी लाल, एसई दीपक किंग्गर, केएससीएल के जी.एम. रमेश चंद मढान, पीएमसी प्रवीन झा, स्पोर्ट इंजीनियर मोहन शर्मा तथा डीआईओ महीपाल सीकरी भी मौजूद रहे।

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