हरियाणा में 850 रुपये बढ़ेगी वृद्धावस्था पेंशन, अब हर महीने 3100 रुपये देने की तैयारी

नई दिल्ली। हरियाणा सरकार इस बार बजट में वृद्धावस्था पेंशन एक साथ 850 रुपये प्रतिमाह बढ़ाने का निर्णय ले सकती है।

यदि सब कुछ ठीक रहा तो इस निर्णय से हरियाणा में वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन 2250 रुपये से बढ़कर 3100 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी। राज्य सरकार ने पेंशन में बढ़ोतरी का खाका तैयार कर लिया है।

उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस बाबत मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ सहमति बना ली है। इसके अलावा अधिकारियों ने भी इसका खाका तैयार कर लिया गया है।

पहले यह बढ़ोतरी सिर्फ 150 रुपये प्रतिमाह की होनी थी मगर आगामी पंचायत चुनावों के मद्देनजर राज्य सरकार पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी कर सकती है।

बता दें, राज्य में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार है और जजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पेंशन 5100 रुपये प्रतिमाह देने का वायदा किया था। इसी वायदे के अनुरूप पेंशन में पिछले एक साल में 250 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। गठबंधन सरकार को चुनावी वायदे के मुताबिक 5100 रुपये प्रतिमाह की पेंशन इन पांच साल के कार्यकाल में देनी है।

100 रुपये प्रतिमाह की पेंशन शुरू कर जननायक बन गए थे देवीलाल

पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने 1987 में न्याययुद्ध के बाद जब राज्य में सरकार बनाई तो उन्होंने 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए 100 रुपये मासिक पेंशन शुरू की थी। 17 जून 1987 को पहली बार 65 साल से ऊपर की उम्र के बुजुर्गों को 100 रुपये मासिक पेंशन की अदायगी की गई थी। इसके बाद कांग्रेस शासन में एक जुलाई 1991 में पेंशन के लिए उम्र 65 से घटाकर 60 साल कर दी गई।

नवंबर 1999 में पेंशन की मासिक दर 200 रुपये कर दी गई। बढ़ते-बढ़ते यह पेंशन भाजपा शासन में 2017 में 1800 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच गई और अब फिलहाल राज्य में 2250 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।

पेंशन देने के लिए राज्य में आज भी बुजुर्गों में चौधरी देवीलाल की चर्चा होती है। देवीलाल इसी पेंशन देने के अपने निर्णय से जननायक बन गए थे। चौधरी देवीलाल के नाम पर बनी जननायक जनता पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में पेंशन की दर 5100 रुपये प्रतिमाह करने का वायदा किया था।

तीन हजार करोड़ रुपये का है पेंशन बजट

राज्य में पेंशन बजट करीब तीन हजार करोड़ रुपये का है। राज्य में 2017-18 में 15 लाख 22 हजार पेंशन लाभार्थी रहे। इसके बाद इनमें ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है मगर पेंशनधारियों की संख्या 16 लाख से ऊपर है। बढ़ी हुई राशि के तहत अब सरकार को करीब साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रविधान करना होगा।

जजपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में पेंशन लाभाॢथयों की उम्र भी घटाने का वायदा किया था मगर इस पर अभी गठबंधन में कोई सहमति नहीं बनी है।

 

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