दिवाली से पहले सोने की कीमतों में आई 7 साल की सबसे बड़ी गिरावट, चांदी 7 फीसदी टूटी

मुंबई. कोरोना वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को लेकर आई खुशखबरी के चलते अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में भारी गिरावट आई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स (Reuters) के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतें 5 फीसदी से ज्यादा गिर गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि फीसदी के लिहाज से ये सोने में 2013 के बाद की एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट है. इन संकेतों का असर घरेलू बाजार पर भी दिखेगा. भारतीय बाजारों में सोने की कीमतें तेजी से गिर सकती है. मौजूदा स्तर से कीमतें 5-8 फीसदी तक की गिरने की संभावना है. क्योंकि, भारतीय रुपया भी लगातार मज़बूत हो रहा है. आपको बता दें कि सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने के दाम बढ़कर 52,183 रुपये के स्तर पर पहुंच गए. इसके पहले शुक्रवार को यह 51,06 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए थे.

वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर आने से सोने की सुरक्षित निवेश मांग घट गई. इससे सोने-चांदी के दाम लुढ़क गए. विदेशी बाजार में अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर 4.9 फीसदी लुढ़क गया और 1855.30 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया, जबकि गोल्ड स्पॉट 4.9 फीसदी की गिरावट के साथ 1854.44 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. सोमवार को सोने के दाम 100 डॉलर टूट गए. कल शुरुआती कारोबार में सोने के दाम 1965.33 डॉलर प्रति औंस के आसपास थे.

सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी आई. अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव 8 फीसदी उछलकर 42.61 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसी तरह से अमेरिकी कच्चा तेल 9 फीसदी चढ़कर 40.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. कोरोना वैक्सीन की खबर से कच्चे तेल की मांग बढ़ने की संभावना है जिससे क्रूड के दाम चढ़े हैं.


वैक्सीन आने की खबरों के चलते आई तेज गिरावट- अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर और उसकी जर्मनी की पार्टनर कंपनी BioNTech SE का दावा है कि कोरोना वायरस वैक्सीन तीसरे चरण के ट्रायल में 90 फीसदी प्रभावी है. कोरोना काल में यह दो कंपनियां पहली ऐसी कंपनी हैं जिन्होंने वैक्सीन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल और सफल परिणाम का आंकड़ा पेश किया है.

फाइजर का कहना है कि वह अपनी टू-डोज वैक्‍सीन के इमर्जेंसी अथराइजेशन के लिए USFDA से इसी महीने अनुमति लेगी.

मगर उससे पहले कंपनी दो महीने का सेफ्टी डेटा कलेक्‍ट करेगी. इस दौरान, 164 कन्‍फर्म मामलों पर क्लिनिकल ट्रायल चलते रहेंगे ताकि वैक्‍सीन की परफॉर्मेंस का और बेहतर ढंग से आंका जा सके. फाइजर ने कहा है कि स्‍टडी में वैक्‍सीन का एफिसेसी पर्सेंटेज बदलता रह सकता है.

OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट एडवर्ड का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की खबर बहुत बड़ी है. इसका दुनियाभर की मार्केट पर असर दिख रहा है. ऐसे में अब सेफ इन्वेस्टमेंट के तौर पर सोने में जारी खरीदारी थम जाएगी. लिहाजा आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है. हालांकि, आर्थिक स्थिति अभी भी बहुत बेहतर नज़र नहीं आ रही है.

अब क्या होगा- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सोना अक्सर मुश्किल समय पर चमकता है. 1970 के दशक में आई मंदी में सोने की कीमतें नए शिखर पर पहुंची. इसके बाद 2008 की आर्थिक मंदी में भी ऐसा ही दौर देखने को मिला. आंकड़ों पर नज़र डालें तो 80 के दशक मे सोना सात गुना से अधिक चढ़कर 850 डॉलर प्रति औंस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था. यह 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद फिर से बढ़ गया, जो 2011 में 1900 डॉलर के पार चला गया. लेकिन फिर काफी गिर गया था. इसीलिए अब माना जा रहा है कि अगर कोरोना की वैक्सीन आ गई और ये पूरी तरह से सफर रही तो सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिलेगी.

तो क्या अब भारत में भी सस्ता होगा सोना- एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे-जैसे कोरोना वैक्सीन को लेकर खबरें आती जाएंगी. वैसे-वैसे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता जाएगा. मौजूदा स्तर सोने की कीमतों में 5-8 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है.

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