नगर निगम हाऊस की बैठक में आए 7 प्रस्ताव, 5 सर्वसम्मत्ति से पास हुए, 2 रहे पैंडिंग।

इंडिया ब्रेकिंग /करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो )नगर निगम के साथ शहर की सरकार को लेकर विकास सदन में मंगलवार को आयोजित हाऊस की बैठक मामूली कहासूनी के बाद सम्पन्न हो गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर रेणु बाला गुप्ता ने की और 20 में से 19 पार्षद इसमें उपस्थित हुए। वार्ड नम्बर 2 के पार्षद और निगम आयुक्त किन्हीं कारणो से बैठक में उपस्थित नहीं हो सके, जबकि उप निगमायुक्त धीरज कुमार, मुख्य अभियंता रमेश मढान और दूसरे अधिकारी व कर्मचारी हाऊस की बैठक में मौजूद रहे। परम्परा के अनुसार मेयर ने सभी मौजूद पार्षदो का स्वागत कर, बारी-बारी से अपनी बात या अपने वार्ड से सम्बंधित समस्याएं पटल पर रखने को कहा। ठीक उसी तरह सभी से अपनी-अपनी समस्याएं बताई, जो मुख्यत: सीवरेज, नालों की सफाई, एल.ई.डी. लाईट तथा आवारा कुत्तो व बंदरो के आतंक को लेकर थी।

 कई घण्टे तक चली बैठक में एजेण्ड़ा के अनुसार 7 में से 5 प्रस्तावों पर पार्षदो की सहमति के बाद हरी झण्ड़ी हो गई, जबकि 2 प्रस्ताव पैंडिंग रहे। एक में सम्बंधित पार्षद हाऊस में मौजूद नहीं थे, तो दूसरे में जो एक चौक व पार्क का नाम महाराज अजमीढ़ के नाम पर रखने से सम्बंधित था, इसलिए सहमति नहीं बन पाई कि हाऊस की पिछली बैठक में चौक या पार्क का नाम किसी शहीद के नाम पर रखने का फैसला हुआ था। एजेण्ड़ा को देखें तो पहला प्रस्ताव पिछली बैठक की कार्रवाई की पुष्टि को लेकर था। दूसरे नम्बर पर दर्ज प्रस्ताव में नगर निगम सीमा के अंदर अनाधिकृत कॉलोनियों को अप्रूव्ड करने बारे था। इस बारे सभी पार्षदो से एक मत से कहा कि कई वार्डों की अनाधिकृत कॉलोनियों में क्योंकि अब काफी मकान निर्मित हो चुके हैं, इसलिए इन कॉलोनियों को अब नियमित किया जाना ही उचित रहेगा। लेकिन नियमित किए जाने का आधार सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडो को पूरा करने का रहेगा। प्रस्ताव नम्बर 3 में जैसा कि उल्लेख किया गया है कि अस्पताल रोड पर मुगल कैनाल योजना में जो पार्क बना हुआ है, उसका नाम महाराज अजमीढ़ पार्क रखने की बात कही गई थी। इस प्रस्ताव के लिए शहर के सुनार संघ रजिस्टर्ड की ओर से अनुरोध किया गया था, लेकिन आज की बैठक में इस प्रस्ताव पर इसलिए सहमति नहीं बन पाई कि चौक अथवा पार्कों का नाम केवल शहीदों के नाम पर ही रखे जाएं।

 प्रस्ताव नम्बर 4 निगम कार्यालय में अटल सेवा केन्द्र खोलने को लेकर था, जो सर्वसम्मत्ति से पास कर दिया गया। बता दें कि पूर्व में शहरी निकाय मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान पार्षदगणों की ओर से अनुरोध किया गया था कि नगर निगम के प्रांगण में एक अटल सेवा केन्द्र स्थापित किया जाए। इस अनुरोध को प्रस्ताव में लेकर आज की बैठक में शामिल किया गया और इस पर सहमति हो गई। प्रस्ताव नम्बर 5, वार्ड नम्बर 2 में नरसी विलेज के अंदर सड़को की मरम्मत करवाने व पार्कों का सौंदर्यकरण करवाने को लेकर था, जो सम्बंधित वार्ड के पार्षद बलविन्द्र सिंह की हाऊस में उपस्थिति न होने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी और इसे पैंडिंग रख दिया गया।

 प्रस्ताव नम्बर 6 दिल्ली-अम्बाला रेलवे ट्रैक पर निर्माणाधीन फुट ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए जिस फर्म ने निविदाएं भरी थी, उनमें रेट ज्यादा आंके गए थे। परिणामस्वरूप सम्बंधित फर्म के साथ नैगोशिएशन कर कम रेट लिए गए और उन पर महापौर की ओर से सभी पार्षदो की सहमति बनाने के लिए पत्र सर्कुलेट किया गया था, इसमें 14 पार्षदो ने अपनी सहमति दे दी थी और आज हाऊस की बैठक में इसे पास कर दिया गया। अंतिम प्रस्ताव 7 में ईवीएम-वीवीपैट मशीनो को रखने के लिए एक वेयर हाऊस बनाने को लेकर था। बता दें कि इस उद्देश्य के लिए नैशनल हाईवे पर एक जगह की तलाश की गई थी, जिस पर जाने के लिए रास्ते की चौड़ाई कम थी। यह निर्णय लिया गया था कि प्रस्तावित चौड़ाई को तीन करम से बढ़ाकर छ: करम किया जाए। हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 164 बी के अनुसार किसी भी भूमि की अलॉटमेंट नगर निगम के सदन से पास करवाने तथा सरकार की हिदायतों अनुसार स्थाई समिति से रेट तय करने के बाद ही अलॉट की जा सकती है। इसलिए इस भूमि की अलॉटमेंट के लिए सदन से पास करवाया जाना आवश्यक था, जोकि आज हो गया।

 बैठक में सिटी बस सर्विस के रूट प्लान दोबारा तैयार करने की बात उठी, जिसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में महापौर रेणु बाला गुप्ता तथा पार्षद मोनू, वीर विक्रम तथा नवीन कुमार को शामिल किया गया है। बैठक में पार्षदों ने मांग रखी कि चण्ड़ीगढ़ नगर निगम की तर्ज पर करनाल नगर निगम के सभी पार्षदों को एक-एक सेवादार और एक-एक ऑपरेटर दिया जाए, जिस पर विचार किया जाएगा। बैठक में महापौर ने इंजीनियर विंग को निर्देश दिए कि ठेकेदारो से सभी कार्य अच्छी क्वालिटी के और समय पर लें, किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीवरेज की समस्या ज्यादा होने के कारण मेयर ने एसडीई तनेजा को सख्त निर्देश दिए कि वे इस समस्या की ओर अपना ध्यान दें और इसका निवारण करवाएं।  महापौर ने कहा कि अगर वे इस ओर अपना ध्यान नहीं देते तो उनकी जिम्मेदारी तय कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

 बैठक की समापन पर मेयर ने सभी पार्षदो का धन्यवाद करते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहर के विकास को लेकर मार्गदर्शन किया था कि सभी पार्षद सकारात्मक सोच के साथ अपनी बात या समस्याएं रखें, निगम अधिकारी सकारात्मक रूप से ही उन पर निर्णय लेकर उन्हें पूरा करेंगे। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुसार ही आज की बैठक में उपस्थित पार्षदो ने अपनी समस्याएं रखी हैं, जिन पर जल्द कार्य होगा और उम्मीद के अनुसार पूरी होंगी। उन्होंने करतल ध्वनि के बीच घोषणा की कि प्रत्येक वार्ड में विकास कार्यों के लिए शीघ्र ही एक-एक करोड़ रूपये की राशि खर्च की जाएगी। इस पर सभी पार्षदों ने मेजे थपथपाई।

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