ट्रेन में बैठे 59 को जिंदा जला दिया! 19 साल बाद आरोपी को मिली ऐसी सजा कि सुनकर कांप उठेगी रूह

गोधरा। गुजरात वर्ष 2002 में हुए गोधरा कांड के मुख्य आरोपी रफीक भटुक को दोषी करार किए जाने के बाद शनिवार को उम्र कैद की सजा सुना दी गयी । आरोपी की गिरफ्तारी घटना के लगभग 19 साल के बाद हुई है ,आरोपी भटुक 27 फरवरी 2002 को हुए कांड के मुख्य आरोपियों में से एक था ।

साबरमती एक्सप्रेस में सवार 59 कारसेवकों की ट्रेन के कोच नंबर एस-6 को पेट्रोल से जलाकर निर्ममता से मार दिया गया था जो कि अयोध्या से लौट रहे थे, इस नरसंहार ने राज्य में सांप्रदायिक दंगे भड़का दिए थे ।

भटुक समेत कुल 35 दोषी करार

बता दें कि एचपी मेहता की विशेष अदालत ने भटुक को दोषी करार दिया है जो कि गोधरा में सत्र न्यायाधीश हैं ।विशेष लोक अभियोजक आरसी कोडेकर द्वारा यह बताया गया कि भटुक को उम्रकैद की सजा दी गई है उन्होंने यह भी कहा कि गोधरा कांड में भटुक 35 वां आरोपी है मार्च 2011 में विशेष अदालत ने 31 आरोपियों को दोषी ठहराया था, इसके बाद 2018 में दो और 2019 में एक को दोषी करार दिया गया ।

पिछले साल हुई थी गिरफ्तारी

पिछले साल फरवरी के महीने में आरोपी भटुक की गिरफ्तारी हुई थी जिसके लिए पंचमहल पुलिस और गोधरा शहर पुलिस ने विशेष अभियान समूह (एसओजी) चलाया था । जानकारी के मुताबिक आरोपी गिरफ्तार होने से पहले अपना जीवनयापन फल बेचकर करता था ,और मामले में नामजद होने के बाद से फरार हो गया था । उसने बचने के लिए राजधानी दिल्ली समेत देश के कई अन्य जगहों को अपना ठिकाना बनाया, और जब घटना को उसने अंजाम दिया तब वह गोधरा के मोहम्मदी मोहल्ले में रहता था पर बाद में सिग्नल फलिया में शिफ्ट हो गया था।

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