स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करनाल में 30 जगहों पर बनाएं जायेंगे रेन वाटर हार्वेस्टर भूमिगत

इंडिया ब्रेकिंग/करनाल रिपोर्टर (ब्यूरो) करनाल 18 सितम्बर, शहर को स्मार्ट बनाने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट में एक प्रोजेक्ट रेन वाटर हार्वेस्टर का भी है। इसके तहत शहर की भिन्न-भिन्न 30 लोकेशन पर रेन वाटर हार्वेस्टर बनाए जाने हैं, लोकेशन सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज व पार्क वगैरह की हैं। फिलहाल 9 जगहों पर काम भी चल रहा है। नगर निगम के महिला आश्रम स्थित कार्यालय परिसर में भी रेन वाटर हार्वेस्टर बनाया जा रहा है, इस पर डेढ से 2 लाख रूपये तक खर्चा आएगा।

उपायुक्त, नगर निगम आयुक्त तथा करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के सीईओ निशांत कुमार यादव ने इस सम्बंध में बताया कि शहर में नगर निगम कार्यालय के अतिरिक्त कृषि विभाग के कार्यालय, पशुपालन विभाग, सिविल सर्जन के कार्यालय, सिविल अस्पताल, राजकीय प्राईमरी स्कूल मॉडल टाऊन तथा निगम में शामिल गांव दाहा, जरीफा फार्म व मधुबन के राजकीय प्राईमरी स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टर बनाए जाने का काम तेजी से चल रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों से करनाल में भूमिगत जल स्तर काफी नीचे चला गया है, जो भविष्य के लिए खतरा है। इसका सीधा सा एक ही कारण है, भूमिगत पानी का अत्याधिक व लापरवाही से किया गया दोहन। यदि जल संरक्षण के बारे में नहीं सोचा गया, तो अगली पीढ़ी के लिए वर्तमान में रह रहे लोगों की ही जवाबदेही होगी। प्रकृति की अनमोल नेमत जल को जीवन भी कहा गया है, जाहिर है कि इस ओर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। इन सब बातों को देखते स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में रेन वाटर हार्वेस्टर प्रोजेक्ट को भी जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि वर्षा के दिनो में हजारों-लाखों लीटर पानी व्यर्थ में नालों में जाकर गंदगी का रूप धारण कर लेता है। रेन वाटर हार्वेस्टर से इस तरह के पानी को भूमिगत पानी में रिचार्ज किया जा सकता है। शहरीकरण में पक्के रास्ते और सड़कें, जमीन पर पड़े पानी को रिचार्ज नहीं होने देते, इसका बेहतर विकल्प रेन वाटर हार्वेस्टर है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी में सरकारी भवनो और सरकारी जगहों को इस काम के लिए चयनित किया गया है। इसके साथ-साथ नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने घरों, परिसर और प्लाटों में रेन वाटर हार्वेस्टर बनवाएं। जल संरक्षण की दिशा में नागरिकों की ओर से यह सराहनीय कदम होगा।

 नगर निगम कार्यालय के पिछवाड़े खाली पड़ी जगह पर बनाए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टर बारे उन्होंने बताया कि इसके लिए 250 फुट तक बोर किया जा रहा है, जो अगले एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा। वर्षा के फालतू पानी को भूमिगत ले जाने के लिए 9 इंची पाईप लगाए जाएंगे। जमीनी सतह पर एक वैलनुमा वृत्त या आयताकार बनाकर जाली लगाई जाएगी। समय-समय पर इसकी सफाई भी की जाएगी, ताकि यह लम्बे समय तक कामयाब रहें।

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