गैस सिलेंडर पर 100 रु. बढोतरी, सब्सिडी के नाम पर आ रहे सिर्फ 3.67 रुपए

करनाल: सिलेंडर के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। अब प्रति सिलेंडर 100 रुपए बढ़ाेतरी की है, लेकिन अब सब्सिडी के नाम पर मात्र 3 रुपए 67 पैसे ही अकाउंट में डाले जा रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को अब 703 रुपए 50 पैसे का सिलेंडर खरीदना पड़ता है। इससे पहले सब्सिडी के रूप में ज्यादा अमाउंट्स उपभोक्ताओं के खातों में आता था।

जिले में करीब 28 गैस एजेंसियों पर ढाई लाख उपभोक्ता हैं। 100 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ाेतरी करके करीब ढाई करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्चा बढ़ाया है। इससे उपभोक्ताओं में रोष है। लोगों का कहना है कि सिलेंडर की पूरी पेमेंट देने के कारण सब्सिडी चेक करने का टाइम नहीं लगता। जब वह बैंक से संबंधित कार्य होता है तब उन्हें पता चलता है कि सब्सिडी तो खत्म ही कर दी है।

अक्टूबर 2015 से सरकार गैस सिलेंडरों पर सब्सिडी स्कीम लेकर आई थी। मकसद था कि इससे सिलेंडराें की ब्लैक खत्म हो जाएगी। तब तक उपभोक्ताओं को 416 रुपए 50 पैसे का सिलेंडर पड़ता था। सिलेंडर के रेट अप डाउन के साथ सब्सिडी के रेट भी उसी दर से घटते और बढ़ते थे। इससे उपभोक्ताओं को नुकसान नहीं था।

लेकिन अब सिलेंडर के रेट बढ़ाकर सब्सिडी की तरफ से टस से मस नहीं हुए। इससे उपभोक्ताओं पर असर पड़ गया है। गैस एजेंसियों के मुताबिक 2 दिसंबर 2020 को सिलेंडर के 50 रुपए बढ़ाए। 15 दिसंबर को फिर से 50 रुपए बढ़ा दिए हैं। इससे सिलेंडर के दाम 703 रुपए 50 पैसे हो गए। इस पर सब्सिडी 3 रुपए 67 पैसे ही रखी है। इससे उपभोक्ताओं को नुकसान है।

जिले की 28 गैस एजेंसियों से जुड़े हैं ढाई लाख उपभोक्ता, 100 रुपए बढ़ने से ढाई करोड़ का बोझ

जब से सब्सिडी शुरू की है तब से अब तक 287 रुपए बढ़े हैं

वार्ड-14 की सुनीता और मीना देवी बताती हैं कि गैस सिलेंडर के रेट बेतहाशा बढ़ गए हैं। जब से सब्सिडी शुरू की है और अब तक रेट के अनुसार 287 रुपए प्रति सिलेंडर के रेट बढ़े हैं। सर्दी में एक महीना मुश्किल से सिलेंडर चलता है। अब 700 रुपए जा रहे हैं। रसोई में दाल, रिफाइंड के दाम भी बढ़े हैं। इस तरह रसोई का 3500 रुपए बजट 5 हजार रुपए तक पहुंच गया है।

गैस प्रत्येक घर का खर्चा है, सरकार करे हस्तक्षेप

शिव काॅलोनी की कमलेश देवी बताती हैं कि पहले सिलेंडर के दाम दो रुपए बढ़ते ही हल्ला मच जाता था। अब सिलेंडर के दाम 700 रुपए तक जा पहुंचे हैं, कोई आवाज नहीं उठाता है। इसलिए सरकार सब्सिडी बिल्कुल बंद कर देगी। अब 3 रुपए 67 पैसे ही सब्सिडी रह गई। इससे प्रत्येक घर का खर्चा बढ़ा है। सरकार काे हस्तक्षेप करके रेट कम करवाने चाहिए।

मिस कॉल करने से सिलेंडर की बुकिंग की सुविधा : सन गैस एजेंसी के संचालक सुभाष गुप्ता ने बताया कि इंडियन ऑयल के उपभोक्ता ने कहा कि अब एक मिस कॉल से सिलेंडर बुक करवा सकेंगे। मोबाइल नंबर 8454955555 पर गैस एजेंसी पर रजिस्टर्ड नंबर से सिर्फ मिस कॉल करनी है। इसमें ऑटोमैटिक आपका गैस सिलेंडर बुक हो जाएगा। इससे उपभोक्ताओं का टाइम भी बचेगा और होम डिलीवरी टाइम पर पहुंच जाएगी।

सिलेंडर के रेट और दी जाने वाली सब्सिडी के आंकड़े

अक्टूबर 2015 में सिलेंडर की कुल कीमत उपभोक्ताओं ने देनी शुरू की और सरकार की तरफ से स्कीम दी कि उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सब्सिडी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को कोई नुकसान नहीं है। इस तरह वर्ष 2015 में 533.50 रुपए सिलेंडर के लेकर 113 रुपए सब्सिडी के खाते में जाने लगे। अप्रैल 2018 में 666 रुपए, मई 2019 में 729.50 रुपए का सिलेंडर मिलने लगा। इस पर इसी दर से सब्सिडी भी बढ़कर जाने लगी।

मार्च 2020 में 813.50 रुपए का सिलेंडर पर 236.24 रुपए सब्सिडी दी गई। अप्रैल 2020 में 752 रुपए सिलेंडर पर 167.67 रुपए सब्सिडी खाते में आई। जून में 600 रुपए 50 पैसे सिलेंडर पर सब्सिडी मात्र 4.67 रुपए कर दी। अब सिलेंडर का रेट 703 रुपए 50 पैसे करके सब्सिडी सिर्फ 3 रुपए 67 पैसे कर दी है।

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