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ये कैसे ‘अग्निवीर’? ट्रेन जलने से रेलवे को 1 हजार करोड़ का नुकसान, 12 लाख लोगों की यात्रा रद्द, 10 पॉइंट में जानें कितना हुआ नुकसान

सेना में भर्ती के लिए शुरू की गई नई अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme Protest) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के कारण रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.

योजना के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने कई जगह ट्रेनों को आग लगा दी और सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. देश के कई हिस्सों में मचे बवाल में सबसे ज्यादा ट्रेन ही निशाना बनीं. ये विरोध प्रदर्शन 19 राज्यों तक पहुंचा है. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में यूपी-बिहार सबसे आगे रहा है.

ट्रेनों को निशाना बनाए जाने के कारण रेलवे (Indian Railways) की संपत्ति और लोगों के रिफंड को मिलाकर कुल एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. चलिए अब 10 पॉइंट में जान लेते हैं कि रेलवे को कैसे और कितना नुकसान उठाना पड़ा है.

12 लाख लोगों को अपनी यात्री रद्द करनी पड़ी है. 922 मेल एक्सप्रेस ट्रेन रद्द हुईं और 120 मेल ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द करना पड़ा है. जबकि 1.5 लाख यात्री ऐसे थे, जिन्हें बीच रास्ते में ही अपनी ट्रेन को छोड़ना पड़ा.

5 लाख से अधिक पीएनआर रद्द हुए हैं. करीब 70 करोड़ रुपये यात्रियों को रिफंड के तौर पर लौटाए गए.

पूर्व मध्य रेल जोन को 241 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है.

बताया गया है कि रेलवे मंत्रालय ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर एक यात्री का किराया 600 रुपये के करीब मानें, तो कुल 70 करोड़ का रिफंड लौटा रहे हैं.

वहीं अगर एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट एसी के किराए को शामिल करें, तो रिफंड 100 करोड़ रुपये का है.

827 यात्री ट्रेन रद्द हुई हैं. जबकि 120 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द करना पड़ा है, जिससे करीब 1.5 लाख यात्रियों को बीच में ही ट्रेन छोड़नी पड़ी है.

ट्रेन की लागत की बात करें, तो मेल एक्सप्रेस ट्रेन में 24 कोच होते हैं. इसका इंजन ही 12 करोड़ रुपये का है. जबकि इंजन एसी कोच में 12 करोड़ रुपये और स्लीपर जनरल कोच में 2 करोड़ रुपये का होता है.

ऐसे में एक ट्रेन 30 करोड़ रुपये की पड़ती है.

प्रदर्शनकारियों ने योजना के विरोध में अलग-अलग जगहों में 21 ट्रेनों में आग लगा दी है.

चार दिनों के भीतर ही देशभर में 922 मेल एक्सप्रेस ट्रेन रद्द हुईं. अगर एक पीएनआर पर 3 यात्री मानें, तो कुल 5 लाख से ज्यादा पीएनआर रद्द हुए हैं. हर ट्रेन में औसत के हिसाब से 1200 से 1500 तक यात्री चलते हैं, जिससे करीब 12 लाख लोगों की यात्रा रद्द हुई है.

देश में जहां विपक्षी पार्टियों समेत बहुत से युवा अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसके समर्थन में भी उतर रहे हैं.

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका, टाट संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और बायोकॉन की चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ योजना के समर्थन में उतरे हैं. इन्होंने हिंसा और उपद्रव को गलत बताते हुए कहा है कि प्रशिक्षित युवाओं के पास रोजगार के अच्छे अवसर होंगे.

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